पुलिस कस्टडी में नाबालिक की मौत मामला: थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मी पर हत्या का मामला दर्ज, परिजन ने शव को उठाने से किया इंकार..मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग….

सरायकेला । जिले के बालमित्र थाना में नाबालिक की संदेहास्पद मौत मामले में थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। सरायकेला थाना कांड संख्या 126/22 के तहत FIR दर्ज करते हुए जांच का जिम्मा सरायकेला सर्कल इंस्पेक्टर सह प्रभारी राम अनूप महतो को सपा गया है।
मृतक के पिता दुबाई मार्डी के लिखित शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। जिसमें मुख्य प्रतिनिधि मोनू सामड को गवाह बनाया गया है। शुक्रवार देर रात सरायकेला थाना में मृतक की परिजन के साथ जिला परिषद सदस्य घाटशिला देवयानी मुर्मू, मुखिया संघ के अध्यक्ष लाल मोहन सिंह, सचिव निताई मुंडा, मुखिया प्रतिनिधि मोनो सामड, जुझार, सपन और भीम करवाई की मांग पर अड़े हुए थे।
सरायकेला एसपी आनंद प्रकाश के साथ घंटे चले वार्ता के बाद केस दर्ज किया गया है। पूर्व में पुलिस जहां घटना को आत्महत्या मान रही थी वहीं परिजनों ने इसे आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने सरायकेला थाना पहुंचकर थाना प्रभारी और अन्य के विरुद्ध लिखित रूप से शिकायत की जिसमें थाना प्रभारी मनोहर कुमार और SI रामदेव दास पर नाबालिग और उसके परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया हैं। साथ ही थाना प्रभारी को और SI को बर्खास्त करने की मांग भी की गई है। पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए कम से कम 50 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की भी मांग राखी गई है। वहीं परिवार वालों को कहना है की जब तक मांग उनकी पुरी नहीं होती है तब तक शव रिसीव नहीं किया जाएगा।
जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने बताया की मृत नाबालिक की मानसिक स्थिति आत्महत्या करने जैसी नहीं थी। पुलिस ने बताया की उसने बेल्ट से आत्महत्या की जबकि वह बेल्ट नहीं लगाता था। इन्होंने कहा की लड़के को छोड़ने के लिए 80 हजार की मांग अपने एक मातहत द्वारा सरायकेला थाना प्रभारी ने की थी। यह लोग पैसे देने में असमर्थ है। इन्होंने शक व्यक्त किया की पुलिस की प्रताड़ना से उसकी मौत हुई है, बाद में उसे आत्महत्या दर्शाया गया। बिना लड़की पक्ष की शिकायत किए लड़के को तीन दिन थाना में रख प्रताड़ित किया गया था।











