कांग्रेस सांसद धीरज साहू कुबेर का खजाना : जानिए IT क्या करेगी इन पैसों का? जब्त किए गए कैश पर सबसे बड़ा खुलासा

रांची। आयकर विभाग की अबतक की सबसे बड़ी छापेमारी कांग्रेस सांसद धीरज साहू के यहां हुई है।अब तक की करवाई में 354 करोड़ नगद मिले है। सूत्रों के अनुसार 60 किलो सोना भी बरामद किया गया है। जबकि आगे भी कारवाई जारी है। छापेमारी के बाद राजनीतिक गर्म है।ऐसे में एक सवाल जो सभी के मन में उठ रहा है कि अब इन पैसों का होगा क्या? जब्ती के बाद इनकम टैक्स विभाग इनका क्या करने वाली है? आइए जानते हैं की छापेमारी के बाद मिले पैसों के क्या होता है।

सबसे पहले विभाग क्या करता है?

6 दिसंबर को इनकम टैक्स विभाग ने धीरज साहू से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। यह रेड तीन राज्यों में मारा गया। रेड के बाद जब अलमारियों की तस्वीरें सामने आईं तो लोग दंग रह गए, साहू ने ‘कुबेर का खजाना’ बना रखा था। बता दें कि इनकम टैक्स विभाग के साथ-साथ ईडी और सीबीआई की तरफ से भी रेड मारा जाता है। दरअसल, जब किसी भी एजेंसी को कहीं कैश मिलता है तो सबसे पहले आरोपी से यह पूछा जाता है कि उसके पास वो पैसे कहां से आए? जब आरोपी इसका जवाब नहीं दे पाते हैं तब एजेंसी उन पैसों को जब्त कर लेती है।

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फिर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एंट्री कराई जाती है

एजेंसी जैसे ही नकदी जब्त करती है वैसे ही नजदीकी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को इसकी जानकारी दी जाती है। वहां स्टाफ बुलाए जाते हैं। फिर बैंक द्वारा नोटों की गिनती शुरू की जाती है। धीरज साहू के केस में तीन बैंक के स्टाफ बुलाए गए थे। नोटों को गिनने में पांच दिन का समय लगा। बैंक नोटों को गिनती हैं और उनका बंडल भी बनाती हैं।

फिर कहां जाता पैसा?

नोटों की गिनती के बाद पैसों को बक्सों में रखा जाता है। सुरक्षा के लिए उन्हें सील कर दिया जाता है। और उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पहुंचाया जाता है। बैंक में एजेंसी के खाते में पैसे जमा कर दिए जाते हैं। धीरज साहू के केस में 353 करोड़ रुपए इनकम टैक्स विभाग के पर्सनल डिपॉजिट खाते में जमा किए जाएंगे। इसके बाद ये पैसे सरकार के खजाने में भेज दिए जाते हैं। लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल अभी सरकार नहीं कर सकेगी।

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सरकार कब कर सकेगी पैसों का इस्तेमाल?

धीरज साहू केस में 353 करोड़ रुपए पहले बैंक में जमा होंगे, कोर्ट में जब तक इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं होगी तब तक यह पैसे बैंक में ही पड़े रहेंगे। अगर कोर्ट आरोपी को दोषी ठहराता है तब यह पैसे सरकार के खजाने में भेज दिए जाएंगे। और वहीं अगर कोर्ट आरोपी को बरी कर देता है तो सारे पैसे उसे वापस मिल जाएंगे। ऐसे में अब धीरज साहू को 354 करोड़ रुपए तभी वापस मिलेंगे जब वो साबित कर सकेंगे कि उनके पास यह पैसे कहां से आए। ऐसा नहीं कर पाने पर साहू का कुबेर का खजाना भारत सरकार का हो जाएगा।

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