छत्तीसगढ़: डाक विभाग की गलती से नहीं मिली नौकरी, अब उपभोक्ता फोरम ने दिया ये आदेश

बलौदाबाजार। तय समयावधि में डाक नहीं पहुंचाये जाने के कारण सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपओक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार द्वारा डाक विभाग को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए डाक शुल्क एवं मानसिक क्षति पूर्ति राशि परिवादी को प्रदाय करने का आदेश दिया गया है।

लवन निवासी परिवादिनी पूनम चौहान द्वारा तीन अलग अलग पदों पर संविदा नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र डाकघर लवन से स्पीड पोस्ट के माध्यम से  12 मार्च 2025 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बलौदाबाजार -भाटापारा को प्रेषित किया गया।आवेदन पत्र पहुंचने की अंतिम तिथि 17 मार्च 2025 थी। सम्बंधित विभाग द्वारा उक्त तीनो बंद लिफाफे  19 मार्च 2025 को लेने से इंकार कर प्रेषक को वापस प्रेषित कर दिया गया।

उक्त पत्र परिवादिनी को  24 मार्च 2025 को प्राप्त हुये।डाक विभाग की सेवा में लापरवाही के कारण परिवादिनी उक्त संविदा पदों में से एक पद में भर्ती होने का अवसर चूक गई। परिवादिनी द्वारा समयावधि में डाक नहीं पहुंचने तथा डाक विभाग की लापरवाही के कारण मानसिक पीड़ा आदि की क्षतिपूर्ति राशि हेतु जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में परिवाद प्रस्तुत किया गया।

आयोग के अध्यक्ष रंजना दत्ता एवं सदस्यगण  हरजीत सिंह चांवला व शारदा सोनी ने पेश दस्तावेजों एवं संबंधित नियम आदि का सूक्ष्मता से अध्ययन कर पाया कि विरोधी पक्षकार द्वारा अनेक  कारणों से डाक को तय समय पर नहीं पहुंचाया गया जो विरोधी पक्षकार का उक्त तर्क मान्य किये जाने योग्य नहीं है।

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