दुर्ग में खुला विकास का खजाना! CM साय ने एक झटके में दिए 739 करोड़ के प्रोजेक्ट, किए कई बड़े ऐलान

251 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन, IT पार्क से लेकर संयुक्त जिला कार्यालय भवन तक दुर्ग को मिली विकास की नई रफ्तार

रायपुर/दुर्ग। सुशासन तिहार 2026 के दौरान दुर्ग जिले में उस समय विकास का बड़ा अध्याय जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 739 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत वाले 251 विकास कार्यों की सौगात जिले को समर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान और अपने कार्यों का लेखा-जोखा भी दे रही है।

दुर्ग के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली अर्थ लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 739 करोड़ 38 लाख रुपये की कुल लागत में 362 करोड़ 46 लाख रुपये के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जबकि 376 करोड़ 92 लाख रुपये के 153 नए कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से दुर्ग जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और नगरीय अधोसंरचना को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा कर लोगों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशासनिक ढांचे के निर्माण से नागरिकों को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक सभी 33 जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत आयोजित समाधान शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। शिविर में युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल, पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन राशि, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति पत्र और अन्य योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लाभार्थियों को पक्के घर उपलब्ध कराए जाएंगे।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने माताओं और बहनों के खातों में एक हजार रुपये की राशि भेजी जा रही है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और परिवारों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।

नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के दंश से बाहर निकलकर विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में चल रही आजीविका और कौशल विकास गतिविधियों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सेवाओं को सरल बनाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहीं सीएम हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन सेवा को भी अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि नागरिकों को त्वरित सहायता मिल सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यही युवा विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत हैं।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में शुरू हुए दुर्ग आईटी पार्क को युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और तकनीकी अवसरों का नया केंद्र बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के हजारों युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। साथ ही नालंदा परिसर, छात्रावास और इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग जैसी परियोजनाओं को भी शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली है।

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वामित्व योजना, लखपति दीदी, आयुष्मान भारत, महिला कोष ऋण योजना, आदिवासी छात्र प्रोत्साहन और अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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