…वरना बंद हो जायेगा राशन: 15 जुलाई तक E-KYC कराना जरूरी, अब ओटीपी से नहीं मिलेगा राशन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से होगा खाद्यान्न वितरण

सूरजपुर ई-केवाईसी, राशन कार्ड ई-केवाईसी, पीडीएस छत्तीसगढ़, राशन वितरण, बायोमेट्रिक सत्यापन, आधार लिंक राशन कार्ड, खाद्य विभाग, सूरजपुर समाचार, राशन कार्ड अपडेट, ई-केवाईसी अंतिम तिथिसूरजपुर जिले में राशन कार्डधारियों के लिए 15 जुलाई 2026 तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अब ओटीपी से राशन नहीं मिलेगा, बल्कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही खाद्यान्न वितरण होगा।

सूरजपुर।  सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2026 तक ई-केवाईसी पूर्ण नहीं कराने वाले हितग्राहियों को भविष्य में राशन प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

खाद्य विभाग की संचालक फारिहा आलम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में शेष हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा तक पूर्ण कराई जानी है। इसके बाद ई-केवाईसी पूर्णता का प्रमाण-पत्र संचालनालय को भेजा जाएगा।

अब ओटीपी से नहीं मिलेगा राशन:-

विभाग ने राशन वितरण में ओटीपी आधारित सत्यापन पर रोक लगा दी है। अब सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने के लिए मशीन में अंगूठे का निशान देकर अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी।

जिले में लगभग 92 प्रतिशत हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण:-

खाद्य विभाग के अनुसार सूरजपुर जिले में कुल 2,52,169 राशन कार्डधारी परिवार हैं। इनमें 60,378 अंत्योदय, 1,75,280 प्राथमिकता, 640 निराश्रित, 662 निःशक्तजन तथा 15,209 सामान्य राशन कार्डधारी शामिल हैं।

इन राशन कार्डों से जुड़े कुल 7,96,576 हितग्राहियों में से लगभग 7,31,604 हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जो कुल हितग्राहियों का लगभग 91.84 प्रतिशत है। इसके बावजूद अभी भी 39,733 हितग्राहियों का ई-केवाईसी लंबित है।जिले में 05 वर्ष से अधिक आयु के कुल 39,733 हितग्राहियों का मालब लंबित हैं। इनमें सूरजपुर ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक 9,472 ई-केवाईसी लंबित हैं। इसके अलावा प्रतापपुर ग्रामीण में 8,021, रामानुजनगर ग्रामीण में 5,881, भैयाथान ग्रामीण में 4,859, ओड़गी ग्रामीण में 4,331 तथा प्रेमनगर ग्रामीण में 3,138 प्रकरण लंबित हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में सूरजपुर नगर में 1,092, विश्रामपुर में 796, जरही में 559, प्रतापपुर में 512, शिवनंदनपुर में 505, भटगांव में 350 तथा प्रेमनगर नगर में 217 सदस्यों के ई केवाईसी लंबित हैं।

ई-केवाईसी से होगी पारदर्शिता:-

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि ई-केवाईसी के माध्यम से वास्तविक पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित होगी। इससे फर्जी, मृत, स्थानांतरित अथवा अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जा सकेंगे और सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने बताया कि हितग्राही अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकान, लोक सेवा केंद्र अथवा विभाग द्वारा लगाए जा रहे विशेष शिविरों में जाकर आधार कार्ड और राशन कार्ड की सहायता से ई-केवाईसी करा सकते हैं।

विभाग ने सभी पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि वे 15 जुलाई 2026 से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कर लें, ताकि राशन वितरण में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उल्लेखनीय है हितग्राही स्वयं भी मोबाईल में फेस ई-केवाईसी ऐप डाउनलोड करके ई केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर का हितग्राही के मोबाइल के साथ सीडिंग होना आवश्यक है।

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