अंधेरे में कही काटनी न पड़ जाए दिवाली: बिजली विभाग हुआ है सख्त: पैसा दीजिए नही तो कटेगी…

झारखंड: रांची के 50 हजार बिजली उपभोक्ताओं पर 50 करोड़ बकाया है। बकाया वसूली के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने सख्त कदम उठाया है। उपभोक्ताओं ने बकाया बिल का भुगतान नहीं किया तो उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे। बिजली बिल वसूली के लिए दस प्रमंडलों में बकाया बिल वसूली के लिए तैयार किए गए हैं यह क्षेत्रवार उपभोक्ताओं को और सपोर्ट बिजली बिल भी देंगे।

बिल का भुगतान उपभोक्ता न करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर बिजली वितरण निगम के रांची जीएम प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने सभी प्रमंडलों के ईई, एई और जेई के साथ शनिवार को ऑनलाइन बैठक की। बैठक में जीएम ने राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए वसूली गैंग को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

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वसूली गैंग में कनीय विद्युत अभियंता, वरीय फील्ड कर्मी के अलावा ऊर्जा मित्र भी रहेंगे। इन्हें निर्देश है कि कोई उपभोक्ता बिजली बिल नहीं मिलने की शिकायत करता है तो गैंग उसे ऑन स्पॉट बिल उपलब्ध कराएगा।

17 से होगी वसूली, रोज 1500 उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे गैंग

जीएम ने बताया कि रांची और गुमला अंचल में 50 हजार से अधिक उपभोक्ता ऐसे है जिनके उपर 10 हजार रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है। राजस्व वसूली गैंग द्वारा इनसे बकाया बिल वसूली का पहले अनुरोध किया जाएगा। अगर बकाया बिल ये चाहें तो किश्तों में भी बिल जमा करा सकते है। 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले राजस्व वसूली के तहत प्रतिदिन गैंग के सदस्य 1500 उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे।

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एक महीने में 85 करोड़ रुपए का राजस्व वसूली का है लक्ष्य

जेबीवीएनएल की ओर से उपभोक्ताओं से 85 करोड़ रुपए राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है।

  • इसमें डोरंडा प्रमंडल से 13 करोड़ रुपए
  • कोकर से 18 करोड़ रुपए
  • न्यू कैपिटल से 10 करोड़ रुपए
  • रांची सेंट्रल से 11 करोड़ रुपए
  • रांची पूर्वी से 11 करोड़ रुपए
  • रांची पश्चिमी से 13 करोड़ रुपए
  • खूंटी से 2 करोड़ रुपए
  • गुमला से 2.5 करोड़ रुपए
  • सिमडेगा से 1.5 करोड़ रुपए और लोहरदगा से 2.5 करोड़ रुपए का बिजली बिल वसूली का लक्ष्य रखा गया है।

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