झारखंड : JPSC परीक्षा को लेकर रांची में हाई अलर्ट, 64 केंद्रों पर कड़ी निगरानी, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश
High Alert in Ranchi Ahead of JPSC Exam; Strict Surveillance at 64 Centers; Administration Issues Strict Directives.

Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त असैनिक सेवा बैकलॉग प्रारंभिक परीक्षा 2025 को लेकर रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक और निगरानी तक हर स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर शुक्रवार को अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राजेश्वरनाथ आलोक ने सभी केंद्राधीक्षकों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
17 मई को रांची जिले के 64 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी केंद्र पर लापरवाही या कदाचार की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर रहेगी सख्त निगरानी, हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर
बैठक के दौरान केंद्राधीक्षकों को परीक्षा के समय पूरी सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच, प्रवेश व्यवस्था और गतिविधियों की निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह साफ-सुथरी बनी रहे।
पुलिस बल से लेकर ट्रैफिक कंट्रोल तक, हर मोर्चे पर तैयारी तेज
परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने अलग रणनीति तैयार की है।
शहर के प्रमुख मार्गों और परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त निगरानी रखने का फैसला लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा के समय किसी भी अभ्यर्थी को जाम या भीड़ की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए मेडिकल और फायर टीम भी तैयार
प्रशासन ने परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग और अग्निशमन इकाइयों को भी अलर्ट मोड में रखा है। जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और भरोसेमंद तरीके से संपन्न कराना है।












