पाकिस्तान की कोयला खदान में भीषण धमाका! 34 से ज्यादा मजदूरों की मौत, 4,000 फीट नीचे जिंदगी की आखिरी जंग
बलूचिस्तान में मीथेन गैस विस्फोट से दो खदानें ढहीं, कई मजदूर अब भी फंसे; बचाव अभियान जारी

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गुरुवार को एक भीषण खदान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित एक कोयला खदान में मीथेन गैस के विस्फोट के बाद खदान का बड़ा हिस्सा ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में 34 से अधिक मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मजदूरों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
बलूचिस्तान के खान एवं खनिज विकास मंत्री शोएब नोशेरवानी ने बताया कि विस्फोट के समय खदान के ढहे हुए हिस्से में 36 मजदूर मौजूद थे। हादसे के बाद शुरुआती बचाव अभियान में सात शव निकाले गए, जबकि बाद में मलबे से 25 और शव बरामद किए गए। अधिकारियों के मुताबिक कुछ मजदूर अब भी फंसे हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
सरकारी खान निरीक्षक गनी बलोच ने बताया कि हादसे की वजह मीथेन गैस का अत्यधिक जमाव था। विस्फोट के बाद खदान के भीतर ऑक्सीजन का स्तर लगभग शून्य हो गया, जिससे जीवित बचने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
प्रांत के मुख्य खान निरीक्षक मुहम्मद आतिफ ने बताया कि बचाव अभियान करीब 4,000 फीट (1,219 मीटर) की गहराई में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहत दल पूरी कोशिश कर रहे हैं, हालांकि हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं और जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद बहुत कम है।
स्थानीय माइनिंग अधिकारी अब्दुल गनी बलोच के अनुसार, मीथेन गैस के शक्तिशाली विस्फोट से एक-दूसरे के पास स्थित दो कोयला खदानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।









