झारखंड: तीन बच्चों की वजह से नामांकन हो गया रद्द, स्क्रूटनी के बाद वार्ड मेंबर प्रत्याशी को लगा झटका

Jharkhand: Nomination cancelled due to having three children, ward member candidate suffers setback after scrutiny

पाकुड़ नगर परिषद चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान वार्ड नंबर 8 से प्रत्याशी विश्वनाथ सरदार समेत तीन उम्मीदवारों का नामांकन रद्द कर दिया गया। विश्वनाथ सरदार का नामांकन दो से अधिक बच्चों के कारण अस्वीकृत हुआ। प्रदेश में ये इस बार का ये पहला मामला है, जब तीन बच्चो की वजह से किसी का नामांकन रद्द हुआ हो।
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नगर परिषद चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को नामांकन प्रपत्रों की स्क्रूटनी की गई। इस दौरान वार्ड पार्षद पद के लिए दाखिल किए गए कई नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें पाकुड़ में तीन प्रत्याशियों का नामांकन अस्वीकृत कर दिया गया।

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इनमें वार्ड नंबर 8 से प्रत्याशी विश्वनाथ सरदार भी शामिल हैं, जिनका नामांकन राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के उल्लंघन के कारण रद्द किया गया।

निर्वाची पदाधिकारी कुमार अभिषेक ने स्क्रूटनी के बाद यह निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में नामांकन पत्रों की जांच की गई और नियमों के अनुरूप कार्रवाई की गई है।

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विश्वनाथ सरदार का नामांकन इस आधार पर अस्वीकृत किया गया कि वे तीन बच्चों के पिता हैं, जो आयोग की निर्धारित शर्तों के तहत नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माने जाते हैं।

जानकारी के अनुसार, विश्वनाथ सरदार ने अपने नामांकन के साथ दिए गए शपथ पत्र में स्वयं तीन बच्चों का पिता होने की जानकारी दी थी। स्क्रूटनी के दौरान जब दस्तावेजों का परीक्षण किया गया, तो यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आया। इसके बाद निर्वाची पदाधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया।

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गौरतलब है कि वर्ष 2013 को कटऑफ डेट मानते हुए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय लिया था कि दो से अधिक बच्चों वाले माता-पिता नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

इस संबंध में आयोग द्वारा स्पष्ट गाइडलाइन भी जारी की गई है, जिसका पालन सभी प्रत्याशियों के लिए अनिवार्य है। इस नियम का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देना और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सामाजिक संदेश देना बताया गया है।

स्क्रूटनी के दौरान दो अन्य वार्ड पार्षद प्रत्याशियों—सतीश अग्रवाल और पूनम देवी—का भी नामांकन अस्वीकृत कर दिया गया। इन दोनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्र आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में खारिज किए गए। बताया गया कि इनके नामांकन के साथ जाति प्रमाण पत्र सहित कई जरूरी दस्तावेज संलग्न नहीं थे, जिसके कारण तकनीकी आधार पर नामांकन रद्द करना पड़ा।

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