नक्सलियों की कमर तोड़ने में मिली बड़ी कामयाबी: 8 लाख का इनामी स्नाइपर सोढ़ी कन्ना ढेर, बस्तर में अब तक 415 माओवादी मारे गए!

बीजापुर (छत्तीसगढ़)। सुरक्षाबलों ने नक्सल प्रभावित बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र (नेशनल पार्क) में हुई भीषण मुठभेड़ में जवानों ने 8 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली और स्नाइपर सोढ़ी कन्ना को ढेर कर दिया। वह माओवादी संगठन पीएलजीए की बटालियन नंबर-01 की कंपनी नंबर-02 का डिप्टी कमांडर था और टेकलगुड़ियम क्षेत्र में सक्रिय था।
सटीक इनपुट, सटीक ऑपरेशन
बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने बताया कि विश्वसनीय इनपुट मिलने पर डीआरजी (बीजापुर-दंतेवाड़ा), एसटीएफ, कोबरा 202 व 210, सीआरपीएफ की यंग प्लाटून ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। 4 जुलाई को माओवादी उपस्थिति की पुष्टि होने के बाद ऑपरेशन और तेज कर दिया गया, जो रुक-रुक कर चली मुठभेड़ों में तब्दील हो गया।
बरामद हुआ भारी हथियारों का ज़खीरा
मुठभेड़ के बाद मौके से सोढ़ी कन्ना का शव बरामद किया गया। उसके पास से 303 रायफल, एके-47 की मैगजीन, 59 जिंदा राउंड, माओवादी वर्दी, डेटोनेटर, वायर, नक्सली साहित्य और रेडियो समेत भारी मात्रा में विस्फोटक व दैनिक उपयोग की सामग्री मिली है। यह माओवादी नेटवर्क को तगड़ा झटका माना जा रहा है।
कौन था सोढ़ी कन्ना?
सोढ़ी कन्ना माओवादी बटालियन में स्नाइपर की भूमिका निभाता था और सीसीएम माड़वी हिडमा का करीबी सहयोगी था। वह टेकलगुड़ियम क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों और धरमारम कैंप पर हमले जैसी कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है।
18 महीनों में 415 माओवादी ढेर!
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि 2024-25 के बीच अब तक 415 हार्डकोर माओवादी मारे जा चुके हैं। यह आंकड़ा सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, साहसिक कार्रवाई और जनता के सहयोग का परिणाम है।
मानसून में भी ऑपरेशन जारी
आईजी ने कहा कि “भीषण वर्षा और कठिन पहाड़ी इलाकों में भी DRG, STF, CoBRA, CRPF, BSF, ITBP समेत सभी बल बिना रुके अभियान को अंजाम दे रहे हैं। नक्सलवाद के समूल अंत की ओर यह एक निर्णायक कदम है।”












