कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी सरसों का तेल? घर बैठे इन 5 तरीकों से करें शुद्धता की जांच

नई दिल्ली। सरसों का तेल भारतीय रसोई का एक बेहद आम हिस्सा है। खाना पकाने से लेकर अचार और पारंपरिक घरेलू इस्तेमाल तक, इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। लेकिन बाजार में उपलब्ध हर सरसों का तेल एक जैसा नहीं होता। कई बार मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले तेल की वजह से उपभोक्ताओं के सामने असली और मिलावटी तेल की पहचान का सवाल खड़ा हो जाता है।
ऐसे में तेल खरीदते समय सिर्फ ब्रांड या कीमत देखकर फैसला करने के बजाय कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, घर पर किए जाने वाले आसान टेस्ट केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं; तेल की शुद्धता की पक्की पुष्टि के लिए मान्यता प्राप्त लैब टेस्ट ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।
1. रंग और खुशबू से मिल सकता है शुरुआती संकेत
शुद्ध सरसों का तेल आमतौर पर पीले से गहरे पीले रंग का दिखाई दे सकता है और इसमें सरसों की तेज विशिष्ट खुशबू होती है। इस्तेमाल के दौरान इसमें तीखापन भी महसूस हो सकता है।
लेकिन केवल रंग या खुशबू के आधार पर तेल को असली या नकली घोषित नहीं किया जा सकता। सरसों की किस्म, प्रसंस्करण और तेल निकालने के तरीके के कारण इसके रंग और गंध में अंतर हो सकता है।
अगर तेल की गंध, स्वाद या बनावट अचानक सामान्य से बिल्कुल अलग लगे तो सावधानी बरतना बेहतर है।
2. खरीदते समय लेबल को जरूर पढ़ें
सरसों का तेल खरीदते समय बोतल या पैकेट का लेबल ध्यान से देखें। पैक पर मौजूद FSSAI लाइसेंस नंबर, सामग्री, बैच नंबर, पैकिंग की जानकारी और Best Before/Expiry Date जैसी जानकारियां जरूर जांचें।
बहुत कम कीमत देखकर तुरंत तेल खरीद लेना भी सही नहीं है। अगर किसी उत्पाद की कीमत सामान्य बाजार भाव की तुलना में असामान्य रूप से कम है, तो उसकी पैकेजिंग और लेबल की जानकारी को अतिरिक्त सावधानी से जांचें।
3. फ्रिज टेस्ट को पक्का प्रमाण न मानें
कई जगह सरसों के तेल की शुद्धता जांचने के लिए उसे फ्रिज में रखने की सलाह दी जाती है। तेल को कुछ समय ठंडा करने के बाद उसके जमने या न जमने को मिलावट से जोड़ दिया जाता है।
लेकिन सिर्फ फ्रिज में तेल के जमने या न जमने से उसकी शुद्धता साबित नहीं होती। अलग-अलग तेलों और उनकी संरचना के कारण ठंडे तापमान में उनका व्यवहार अलग हो सकता है। इसलिए इस तरीके को निर्णायक टेस्ट मानकर फैसला नहीं करना चाहिए।
4. नाइट्रिक एसिड वाला टेस्ट घर पर न करें
सरसों के तेल में कुछ विशेष मिलावट की जांच के लिए रासायनिक परीक्षण किए जाते हैं। नाइट्रिक एसिड से जुड़ा टेस्ट भी इसी तरह की जांचों में बताया जाता है।
लेकिन नाइट्रिक एसिड एक खतरनाक रसायन है, इसलिए इसे घर पर खुद तेल में डालकर प्रयोग करना सुरक्षित नहीं है। ऐसे रासायनिक परीक्षण प्रशिक्षित व्यक्ति या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में ही किए जाने चाहिए।
अगर तेल की शुद्धता को लेकर गंभीर संदेह है, तो उसका सैंपल अधिकृत लैब में जांच के लिए देना ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प है।
5. तेल की पैकिंग और सील जरूर जांचें
मिलावट से बचने का सबसे आसान तरीका है कि सीलबंद पैक और भरोसेमंद स्रोत से सरसों का तेल खरीदें। बोतल या पैकेट की सील टूटी हुई हो, पैकेजिंग खराब हो या लेबल से छेड़छाड़ नजर आए तो उसे खरीदने से बचें।
खुले तेल की तुलना में सही लेबल और ट्रेस करने योग्य जानकारी वाले पैक्ड उत्पाद को प्राथमिकता देना बेहतर है।
अगर तेल संदिग्ध लगे तो क्या करें?
अगर तेल का स्वाद, गंध या रूप सामान्य से अलग लगे तो उसका इस्तेमाल रोक दें। केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर उसे सुरक्षित मानने के बजाय जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच कराएं।
याद रखें—तेल के रंग, जमने या खुशबू जैसे घरेलू संकेत मिलावट का सिर्फ अंदाजा दे सकते हैं, पक्की पुष्टि नहीं। शुद्धता की सही जांच वैज्ञानिक परीक्षण से ही संभव है।












