थाली में ये चीजें हैं तो आज ही दें ध्यान! Cancer India की रिपोर्ट बताती है कैसी होनी चाहिए आपकी रोज की डाइट
रोज की थाली सिर्फ पेट नहीं भरती, सेहत भी बनाती-बिगाड़ती है; जानिए किन चीजों को ज्यादा और किन्हें कम रखना बेहतर है

नई दिल्ली: हम दिन में कई बार कुछ न कुछ खाते हैं, लेकिन दोपहर और रात का भोजन हमारी रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में थाली में क्या शामिल है, इसका असर सिर्फ वजन और पाचन पर ही नहीं, बल्कि लंबे समय में हमारी ओवरऑल हेल्थ पर भी पड़ सकता है।
इसी वजह से एक्सपर्ट्स संतुलित और पौष्टिक आहार लेने की सलाह देते हैं। कैंसर से बचाव और खान-पान से जुड़े सुझावों में भी फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करने तथा कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखने पर जोर दिया जाता है।
थाली में जरूर रखें ये चीजें
1. फल और हरी सब्जियां
फ्रेश फल और सब्जियां संतुलित डाइट का अहम हिस्सा हैं। रोजाना अलग-अलग तरह की सब्जियों और फलों को भोजन में शामिल करना बेहतर माना जाता है।
खासकर गाजर, कद्दू और शकरकंद जैसी नारंगी या लाल रंग की सब्जियों में बीटा-कैरोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए कोशिश करें कि आपकी थाली में रंग-बिरंगी सब्जियों की पर्याप्त मात्रा हो।
2. मैदा नहीं, साबुत अनाज चुनें
रिफाइंड और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की जगह साबुत अनाज को डाइट में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
आप अपनी डाइट में बाजरा, ज्वार, मक्का और जौ जैसे अनाज शामिल कर सकते हैं। ये फाइबर के अच्छे स्रोत हैं और रोजाना की डाइट को अधिक पौष्टिक बनाने में मदद कर सकते हैं।
3. फाइबर वाली चीजों को दें प्राथमिकता
थाली में पर्याप्त फाइबर होना भी जरूरी है। इसके लिए साबुत अनाज के साथ फल और सब्जियों को नियमित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
फाइबर युक्त भोजन संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, इसलिए खाने में इसकी विविधता बनाए रखना फायदेमंद हो सकता है।
अब बात उन चीजों की, जिन्हें कम करना चाहिए
1. तली हुई चीजों से बनाएं दूरी
समोसा, कचौड़ी, पूरी, भटूरे और इस तरह के ज्यादा तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना बेहतर है।
इनमें कैलोरी और वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। इसलिए रोजाना की थाली में तले हुए खाने की जगह पौष्टिक और कम प्रोसेस्ड विकल्पों को प्राथमिकता दें।
2. ज्यादा कैलोरी और वसा वाले फूड्स कम करें
केक, कुकीज, डोनट जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन भी सीमित रखना चाहिए। इनमें अक्सर कैलोरी, चीनी और वसा की मात्रा अधिक होती है।
कभी-कभार इन्हें खाने और रोजाना की डाइट में शामिल करने के बीच अंतर है। इसलिए नियमित भोजन में पौष्टिक विकल्पों को प्राथमिकता देना बेहतर है।
3. रेड मीट और ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों पर लगाएं लगाम
रेड मीट और अत्यधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है। खासकर प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय माना जाता है।
इसलिए मांसाहारी भोजन करने वालों को भी डाइट में संतुलन बनाए रखने और रेड/प्रोसेस्ड मीट की मात्रा सीमित रखने पर ध्यान देना चाहिए।
कैसी हो आपकी रोज की थाली?
अगर आसान भाषा में समझें तो आपकी रोज की थाली में सब्जियां, फल, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को पर्याप्त जगह मिलनी चाहिए।
वहीं बहुत ज्यादा तला हुआ खाना, अत्यधिक कैलोरी और वसा वाले खाद्य पदार्थ तथा रेड/प्रोसेस्ड मीट जैसी चीजों का सेवन सीमित रखना बेहतर है।
याद रखें, कोई एक खाना कैंसर को रोकने या खत्म करने की गारंटी नहीं देता। संतुलित डाइट के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली भी महत्वपूर्ण हैं। अगर किसी व्यक्ति को कोई बीमारी है या उसकी डाइट को लेकर विशेष जरूरत है, तो डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।












