15 अगस्त 1947 को नेहरू थे PM, लेकिन राष्ट्रपति कौन था? जवाब जानकर चौंक जाएंगे!
आजादी के दिन देश में राष्ट्रपति का पद ही नहीं था! जानिए कौन संभाल रहा था राष्ट्राध्यक्ष की जिम्मेदारी और कब मिला भारत को पहला राष्ट्रपति

Independence Day Quiz: 15 अगस्त 1947 भारत के इतिहास का वह दिन है, जब देश ने करीब 200 साल के ब्रिटिश शासन से आजादी हासिल की। स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के तौर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश की कमान संभाली और लाल किले से तिरंगा फहराकर ऐतिहासिक भाषण दिया।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब नेहरू प्रधानमंत्री थे, तब भारत के राष्ट्रपति कौन थे?
इस सवाल का जवाब थोड़ा चौंकाने वाला है—15 अगस्त 1947 को भारत का कोई राष्ट्रपति था ही नहीं।
आजादी के दिन भारत में क्यों नहीं था राष्ट्रपति?
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद तो हुआ, लेकिन उस समय देश गणराज्य (Republic) नहीं बना था। भारत एक डोमिनियन के रूप में अस्तित्व में आया था।
उस समय ब्रिटिश सम्राट औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष थे और भारत में उनकी ओर से गवर्नर जनरल संवैधानिक प्रमुख के रूप में काम करता था।
यानी आजादी के दिन अगर यह पूछा जाए कि भारत का राष्ट्रपति कौन था, तो सही जवाब होगा—कोई राष्ट्रपति नहीं था।
आजादी के समय कौन थे गवर्नर जनरल?
15 अगस्त 1947 को लॉर्ड लुई माउंटबेटन भारत के गवर्नर जनरल थे। इसलिए उस समय देश के संवैधानिक प्रमुख की भूमिका राष्ट्रपति नहीं, बल्कि गवर्नर जनरल निभा रहे थे।
वहीं जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे।
भारत को पहला राष्ट्रपति कब मिला?
भारत को राष्ट्रपति का पद तब मिला, जब देश गणराज्य बना।
26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ और इसी के साथ भारत एक गणराज्य बन गया। इसके बाद गवर्नर जनरल के पद की जगह राष्ट्रपति ने देश के संवैधानिक प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
कौन बने भारत के पहले राष्ट्रपति?
डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने।
इसलिए यह कहना सही होगा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्रता के समय भारत के राष्ट्रपति नहीं थे। उन्होंने 26 जनवरी 1950 को गणराज्य बनने के बाद देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में पद संभाला।
माउंटबेटन के बाद कौन बने गवर्नर जनरल?
लॉर्ड माउंटबेटन जून 1948 तक भारत के गवर्नर जनरल रहे। उनके बाद सी. राजगोपालाचारी ने यह जिम्मेदारी संभाली।
सी. राजगोपालाचारी स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल थे।
गणराज्य बनने के साथ ही गवर्नर जनरल का पद समाप्त हो गया और राष्ट्रपति का पद देश के संवैधानिक प्रमुख के रूप में स्थापित हुआ।
एक लाइन में समझिए पूरा इतिहास
15 अगस्त 1947: नेहरू PM थे, राष्ट्रपति का पद नहीं था, लॉर्ड माउंटबेटन गवर्नर जनरल थे।
26 जनवरी 1950: भारत गणराज्य बना और डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति बने।
यानी आजादी के दिन भारत का राष्ट्रपति कौन था—इस सवाल का सबसे सही और दिलचस्प जवाब है: उस दिन भारत में राष्ट्रपति पद ही अस्तित्व में नहीं था।











