Daily Water Intake: रोज 8 गिलास पानी पीना जरूरी? कहीं आप जरूरत से ज्यादा तो नहीं पी रहे! जानिए शरीर के हिसाब से कितना Water Intake है सही

New Delhi: रोज कितना पानी पीना चाहिए? इस सवाल का सबसे आम जवाब होता है- 8 गिलास पानी। लेकिन क्या हर व्यक्ति के लिए रोज 8 गिलास पानी पीना जरूरी है? दरअसल, शरीर की पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। उम्र, स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधि, मौसम और रहने की जगह जैसी कई चीजें तय करती हैं कि आपको रोज कितने तरल पदार्थ की जरूरत है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त हाइड्रेशन बेहद जरूरी है, क्योंकि शरीर का लगभग 50 से 65 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। पानी कोशिकाओं, मांसपेशियों और शरीर के अलग-अलग अंगों के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्या वाकई रोज 8 गिलास पानी जरूरी है?
दिन में 8 गिलास पानी पीने की सलाह काफी प्रचलित है और इसे एक आसान लक्ष्य माना जा सकता है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक जैसी मात्रा जरूरी नहीं होती।
कुछ अध्ययनों के अनुसार, स्वस्थ वयस्कों को सभी स्रोतों से मिलाकर लगभग 2.7 से 3.7 लीटर तरल पदार्थ की जरूरत हो सकती है। इसमें सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि चाय, कॉफी, दूध, अन्य पेय और भोजन से मिलने वाला पानी भी शामिल होता है।
इसलिए आपकी जरूरत केवल इस बात से तय नहीं होती कि आपने कितने गिलास पानी पिया।
शरीर को पानी की जरूरत क्यों होती है?
सांस लेने, पसीना आने, पेशाब करने और मल त्यागने जैसी सामान्य प्रक्रियाओं के दौरान शरीर से लगातार पानी बाहर निकलता रहता है।
शरीर जितना पानी खोता है, उतना पानी भोजन और पेय पदार्थों के जरिए वापस मिलना जरूरी है। पर्याप्त पानी शरीर की कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों को सामान्य रूप से काम करने में मदद करता है।
गर्मी और उमस में बढ़ जाती है जरूरत
गर्म और उमस वाले मौसम में शरीर ज्यादा पसीना निकाल सकता है। इससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
इसी तरह ज्यादा शारीरिक मेहनत या एक्सरसाइज करने वाले लोगों को भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तरल पदार्थों की जरूरत पड़ सकती है।
ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी डिहाइड्रेशन का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में प्यास का इंतजार करने के बजाय नियमित अंतराल पर पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहना जरूरी है।
उल्टी-दस्त या बुखार में सिर्फ पानी काफी है?
बुखार, उल्टी और दस्त के दौरान शरीर से पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो सकते हैं। ऐसे में शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी करना बेहद जरूरी है।
हल्के मामलों में पानी और अन्य तरल पदार्थ मदद कर सकते हैं, जबकि कुछ स्थितियों में ORS या इलेक्ट्रोलाइट वाले घोल की जरूरत पड़ सकती है। गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई देने पर मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।
Pregnancy और Breastfeeding में भी रखें खास ध्यान
गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान शरीर की तरल पदार्थों की जरूरत बढ़ सकती है। इसलिए इन परिस्थितियों में पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है।
हालांकि, हर महिला की जरूरत अलग हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी किसी विशेष स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार तरल पदार्थों का सेवन करना बेहतर है।
क्या सिर्फ पानी से ही होती है Hydration?
ऐसा नहीं है कि शरीर को मिलने वाला पूरा तरल केवल सादे पानी से ही आता है।
चाय, कॉफी, दूध और अन्य पेय भी कुल Fluid Intake में योगदान देते हैं। इसके अलावा फल और सब्जियों से भी शरीर को काफी पानी मिल सकता है।
तरबूज, स्ट्रॉबेरी और खरबूजा जैसे फल पानी के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। हालांकि, ज्यादा चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स को नियमित हाइड्रेशन का मुख्य स्रोत बनाना बेहतर विकल्प नहीं माना जाता। सामान्य तौर पर सादा पानी सबसे आसान विकल्प है।
कैसे पता चलेगा कि शरीर में पानी पर्याप्त है?
आपका शरीर कई संकेतों के जरिए बता सकता है कि उसे पर्याप्त पानी मिल रहा है या नहीं।
पर्याप्त Hydration के सामान्य संकेत
- बहुत ज्यादा प्यास न लगना
- पेशाब का रंग हल्का पीला या लगभग साफ होना
पानी की कमी के संकेत
- बार-बार या ज्यादा प्यास लगना
- पेशाब का रंग गहरा होना
- थकान या कमजोरी महसूस होना
- सिरदर्द या चक्कर आना
- शारीरिक गतिविधि करने की क्षमता कम महसूस होना
गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति में भ्रम, बेहोशी या बहुत कम पेशाब जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।
Bottom Line
रोज पानी पीना जरूरी है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक ही मात्रा का नियम लागू नहीं होता। मौसम, उम्र, गतिविधि, स्वास्थ्य और शरीर की जरूरत के अनुसार तरल पदार्थों की मात्रा बदल सकती है।
इसलिए केवल “8 गिलास” के आंकड़े पर निर्भर रहने के बजाय अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान दें और दिनभर पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें।












