मेहमानों को चाय नहीं, पिलाइए शाही स्वाद! एक बार पी ली राजवाड़ी चाय तो पूछेंगे रेसिपी

नई दिल्ली। चाय का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में अदरक वाली चाय या मसाला चाय की तस्वीर आती है। लेकिन अगर इस बार मेहमानों के सामने कुछ ऐसा परोसना चाहते हैं, जिसका स्वाद और खुशबू दोनों लंबे समय तक याद रहें, तो राजवाड़ी चाय ट्राई कर सकते हैं।
अदरक, इलायची, दालचीनी, लौंग, सौंफ और केसर जैसे खुशबूदार मसालों से तैयार होने वाली यह चाय साधारण चाय से थोड़ी अलग होती है। दूध की मलाईदार बनावट और केसर की खुशबू इसे एक खास शाही अंदाज देती है।
आखिर क्या है राजवाड़ी चाय की खासियत?
राजवाड़ी चाय में कई तरह के मसालों का संतुलित इस्तेमाल किया जाता है। अदरक चाय में गर्माहट लाता है, वहीं इलायची और दालचीनी खुशबू बढ़ाते हैं। लौंग और सौंफ इसका स्वाद और खास बना देते हैं।
सबसे आखिर में डाला जाने वाला केसर चाय को हल्का सुनहरा रंग और अलग खुशबू देता है। यही मसालों का मेल इस चाय को सामान्य मसाला चाय से अलग बनाता है।
घर पर ऐसे बनाएं राजवाड़ी चाय
सामग्री
- आधा इंच अदरक
- आधा इंच दालचीनी
- 4 हरी इलायची
- 5-6 लौंग
- आधा छोटा चम्मच सौंफ
- 2 कप पानी
- 1 छोटा चम्मच चाय पत्ती
- 1 बड़ा चम्मच चीनी
- 2 कप दूध
- थोड़ा-सा केसर
बनाने का तरीका
सबसे पहले अदरक को हल्का कूट लें। अब एक बर्तन में पानी डालकर उसमें अदरक, दालचीनी, इलायची, लौंग और सौंफ डालें।
इसके बाद चाय पत्ती और चीनी डालकर कुछ देर पकाएं। अब दूध डालें और चाय को धीमी आंच पर करीब 3 से 4 मिनट तक उबलने दें। धीमी आंच पर पकाने से मसालों की खुशबू अच्छी तरह चाय में घुल जाती है।
आखिर में थोड़ा-सा केसर डालकर बर्तन को करीब एक मिनट के लिए ढक दें। इसके बाद चाय को छान लें और गरमा-गरम सर्व करें।
स्वाद बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
राजवाड़ी चाय बनाते समय मसालों की मात्रा का खास ध्यान रखना जरूरी है। अगर मसाले ज्यादा हो गए तो चाय का स्वाद तेज और कड़वा हो सकता है।
केसर को हमेशा आखिर में डालना बेहतर है, ताकि उसकी खुशबू बरकरार रहे। वहीं चाय को तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी आंच पर पकाने से मसालों का स्वाद अच्छी तरह निकलता है।
चीनी की मात्रा आप अपने स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं। ताजे मसालों के इस्तेमाल से चाय की खुशबू और स्वाद दोनों बेहतर हो सकते हैं।
मेहमानों के स्वागत के लिए क्यों है खास?
अगर घर पर मेहमान आने वाले हैं और आप उन्हें रोज वाली चाय से कुछ अलग परोसना चाहते हैं, तो राजवाड़ी चाय अच्छा विकल्प हो सकती है। इसका सुनहरा रंग, मसालों की खुशबू और केसर का फ्लेवर इसे देखने और पीने दोनों में खास बनाता है।
बारिश या ठंड के मौसम में गर्मागर्म राजवाड़ी चाय का स्वाद और भी अच्छा लग सकता है। इसे शाम की महफिल में स्नैक्स के साथ भी परोसा जा सकता है।
हर चुस्की में महसूस होगा शाही अंदाज
अदरक की गर्माहट, इलायची की खुशबू, दालचीनी की मिठास, लौंग का स्वाद, सौंफ की ताजगी और केसर की महक—इन सभी का संतुलित मेल राजवाड़ी चाय को खास बनाता है।
अगर आप भी रोज की एक जैसी चाय से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो अगली बार मेहमानों के लिए राजवाड़ी चाय जरूर बनाकर देखें। मुमकिन है कि चाय खत्म होने से पहले ही मेहमान आपसे इसकी रेसिपी पूछ बैठें।









