Monsoon Gardening Tips: मानसून में रोज़-रोज़ पानी दे रहे हैं? ये 4 पौधे हो सकते हैं बर्बाद! ज्यादातर लोग करते हैं यही गलती
बारिश के मौसम में इन पौधों को भूलकर भी न दें पानी, वरना कुछ ही दिनों में सड़ जाएंगी जड़ें

Lifestyle Desk: मानसून का मौसम पौधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। बारिश और नमी से ज्यादातर पौधे तेजी से बढ़ते हैं, लेकिन यही मौसम कुछ पौधों के लिए खतरा भी बन जाता है। अगर आप भी बरसात में हर दिन अपने गमलों में पानी डालते हैं, तो सावधान हो जाइए। कुछ पौधों को इस मौसम में अतिरिक्त पानी देने से उनकी जड़ें सड़ सकती हैं और पूरा पौधा खराब हो सकता है।
आइए जानते हैं ऐसे 4 पौधों के बारे में, जिन्हें मानसून में बेहद कम या बिल्कुल भी पानी नहीं देना चाहिए।
1. कैक्टस और सकुलेंट्स को रखें बारिश से दूर
कैक्टस और सकुलेंट्स रेगिस्तानी पौधे होते हैं। इनके तनों और पत्तियों में पहले से ही पर्याप्त पानी जमा रहता है। ऐसे में बारिश के मौसम में इन्हें अतिरिक्त पानी देना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
क्या करें?
- बारिश के दौरान इन्हें छत या शेड के नीचे रखें।
- मिट्टी पूरी तरह सूखने के बाद ही पानी दें।
ध्यान रखें: लगातार गीली मिट्टी रहने पर ये पौधे कुछ ही दिनों में काले पड़कर सड़ सकते हैं।
2. अडेनियम (Desert Rose) को भी चाहिए सूखी मिट्टी
अडेनियम, जिसे डेजर्ट रोज भी कहा जाता है, अपने मोटे तने में लंबे समय तक पानी जमा रखता है। मानसून में इसकी जड़ों के सड़ने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
गार्डनिंग टिप
- पौधे को बारिश से बचाकर रखें।
- मिट्टी पूरी तरह सूखने पर ही पानी दें।
3. एलोवेरा को ज्यादा पानी देना पड़ सकता है भारी
एलोवेरा की पत्तियों में मौजूद जेल ही उसका पानी का भंडार होता है। मानसून में हवा की नमी और गीली मिट्टी के कारण इसे अतिरिक्त पानी की जरूरत नहीं होती।
कब दें पानी?
- जब पत्तियां हल्की ढीली या पीली दिखने लगें।
- अन्य दिनों में मिट्टी सूखने का इंतजार करें।
4. स्नेक प्लांट को महीने में सिर्फ 1-2 बार पानी
स्नेक प्लांट बेहद मजबूत पौधा माना जाता है। यह कई दिनों तक बिना पानी के भी हरा-भरा रहता है।
क्या करें?
- अगर पौधा घर के अंदर रखा है, तो मानसून में महीने में केवल एक या दो बार ही पानी दें।
ध्यान रखें: जड़ों में पानी जमा होते ही यह पौधा नीचे से गलना शुरू कर सकता है।
मानसून में पौधों की देखभाल के आसान टिप्स
- गमलों में पानी निकासी (Drainage) की सही व्यवस्था रखें।
- बारिश के बाद गमलों में पानी जमा न होने दें।
- जरूरत पड़ने पर पौधों को शेड या छत के नीचे रखें।
- मिट्टी सूखने के बाद ही सिंचाई करें।
छोटी-सी सावधानी, पौधे रहेंगे सालभर हरे-भरे
मानसून में हर पौधे को रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती। सही समय पर और सही मात्रा में पानी देना ही स्वस्थ गार्डनिंग की सबसे बड़ी कुंजी है। अगर आप इन आसान बातों का ध्यान रखेंगे, तो आपके पौधे पूरे साल हरे-भरे और स्वस्थ बने रहेंगे।









