बारिश में बच्चों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा! ये छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी, हर माता-पिता तुरंत पढ़ें यह खबर

डेंगू और मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। जानिए बच्चों को मच्छरों से बचाने के आसान उपाय और किन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बारिश का मौसम अपने साथ राहत तो लाता है, लेकिन इसी के साथ डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। इस मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है और सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों को होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों की तुलना में कम होती है। ऐसे में माता-पिता की थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है।

घर के आसपास पानी जमा न होने दें

डेंगू और मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलते हैं। इसलिए घर और उसके आसपास साफ-सफाई बनाए रखना बेहद जरूरी है। कूलर, गमले, बाल्टी, पुराने टायर या किसी भी बर्तन में पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही जगहें मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनती हैं। कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर बदलें और पानी की टंकियों को हमेशा ढककर रखें।

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बच्चों को मच्छरों से ऐसे बचाएं

बारिश के मौसम में बच्चों को सुबह और शाम के समय फुल बाजू के कपड़े पहनाएं। अगर बच्चा बाहर खेलने जाता है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार बच्चों के लिए सुरक्षित मच्छर भगाने वाली क्रीम या पैच का इस्तेमाल किया जा सकता है। रात में मच्छरदानी का उपयोग करें और घर के अंदर मच्छरों की संख्या कम रखने के लिए जरूरी उपाय अपनाएं।

खान-पान का रखें खास ध्यान

इस मौसम में बच्चों को हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन खिलाएं। बाहर का खुला या बासी खाना खाने से बचाएं। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और भोजन में फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध और अन्य पौष्टिक चीजें शामिल करें। संतुलित आहार बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने में मदद करता है।

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इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें

अगर बच्चे को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी, कमजोरी, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई दें, तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न दें। यदि बुखार दो से तीन दिन तक बना रहता है, तो डेंगू और मलेरिया की जांच कराना जरूरी हो सकता है।

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