बार-बार झुककर बैठना पड़ सकता है भारी! डॉक्टर ने बताया कैसे खराब हो सकती है ब्रेन हेल्थ, जानिए सही उठने-बैठने का तरीका
वर्ल्ड ब्रेन डे पर विशेषज्ञ की सलाह—रीढ़ और दिमाग का गहरा है कनेक्शन, गलत पोस्चर से बढ़ सकता है कई समस्याओं का खतरा।

नई दिल्ली।
क्या आप घंटों झुककर लैपटॉप पर काम करते हैं या गलत तरीके से बैठने की आदत है? अगर हां, तो यह सिर्फ आपकी रीढ़ ही नहीं बल्कि ब्रेन हेल्थ को भी प्रभावित कर सकता है। वर्ल्ड ब्रेन डे 2026 के अवसर पर विशेषज्ञों ने बताया कि दिमाग और रीढ़ की हड्डी एक ही नर्वस सिस्टम का हिस्सा हैं और दोनों का स्वस्थ रहना शरीर के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी है।
मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली के सीनियर कंसल्टेंट (न्यूरोलॉजी) डॉ. गौरव बतरा के अनुसार, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी मिलकर शरीर की गति, संतुलन, संवेदनाएं और कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में यदि रीढ़ की सेहत को नजरअंदाज किया जाए तो इसका असर दिमाग पर भी पड़ सकता है।
सही पोस्चर है सबसे जरूरी
डॉ. बतरा के मुताबिक, बैठते और काम करते समय सिर हमेशा कंधों के ऊपर होना चाहिए। लंबे समय तक झुककर बैठना या लेटकर काम करना गर्दन और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे नर्वस सिस्टम प्रभावित हो सकता है।
रोज करें हल्की एक्सरसाइज
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से चलना, स्ट्रेचिंग करना और कोर (एब्डोमिनल) एक्सरसाइज करने से रीढ़ मजबूत होती है और नर्वस सिस्टम में रक्त संचार बेहतर रहता है। इससे दिमाग और रीढ़ दोनों स्वस्थ रहते हैं।
पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी
रीढ़ और नसों की मरम्मत के लिए शरीर को पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। अच्छी और पूरी नींद लेने से शरीर को खुद को रिपेयर करने का समय मिलता है, जिससे नर्वस सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है।
पानी और संतुलित आहार का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना रीढ़ की हड्डी के बीच मौजूद डिस्क को स्वस्थ रखने में मदद करता है। वहीं भोजन में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन-डी शामिल करने से नर्वस सिस्टम और हड्डियां मजबूत रहती हैं।
धूम्रपान से बनाएं दूरी
डॉ. बतरा का कहना है कि धूम्रपान रीढ़ की हड्डी के ऊतकों में रक्त प्रवाह को कम कर देता है, जिससे रीढ़ और नसों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए धूम्रपान छोड़ना बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
घंटों लगातार बैठने से बचें
अगर आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने का है, तो हर 30–60 मिनट में कुछ देर के लिए उठें, थोड़ा चलें, स्ट्रेचिंग करें और गहरी सांस लें। इससे रीढ़ पर दबाव कम होता है और शरीर सक्रिय बना रहता है।
बार-बार दर्द हो तो नजरअंदाज न करें
यदि पीठ, गर्दन, रीढ़, हाथ, पैर या कूल्हों में बार-बार दर्द होता है और समस्या बार-बार लौटती है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, यह किसी न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में समय रहते डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।









