15 अगस्त पर CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान: भर्ती परीक्षाओं में अब नहीं चलेगी मनमानी! JPSC-JSSC पर लिया बड़ा फैसला
मोरहाबादी मैदान से मुख्यमंत्री ने दिया युवाओं को भरोसा, कहा- गड़बड़ी करने वाला कितना भी रसूखदार हो, होगी सख्त कार्रवाई; रोजगार, किसान और महिला सशक्तिकरण पर भी गिनाईं उपलब्धियां

रांची, 15 अगस्त 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में तिरंगा फहराया। उन्होंने परेड का निरीक्षण करने के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने युवाओं, भर्ती परीक्षाओं, रोजगार, किसानों, महिलाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं और योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का अर्थ केवल स्वतंत्रता का उत्सव मनाना नहीं है, बल्कि हर युवा को शिक्षा, किसान को समृद्धि और हर नागरिक को न्याय दिलाना भी है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि लगातार निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में होगा बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री के संबोधन में सबसे ज्यादा ध्यान युवाओं और भर्ती परीक्षाओं को लेकर कही गई बातों पर रहा। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत किसी भी स्थिति में बेकार नहीं जाने दी जाएगी।
हेमंत सोरेन ने कहा कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया गया है। परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाला व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से भी भर्ती परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने की अपील की।
16 लाख से ज्यादा MSME इकाइयों का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार को लेकर भी आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा कि झारखंड में 16 लाख से अधिक MSME इकाइयां संचालित हो रही हैं और इनके जरिए 60 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है।
उन्होंने स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल कर राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री के मुताबिक, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के जरिए 22 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने की दिशा में काम किया जाएगा।
किसानों के लिए ‘जोहार रागी मिशन’ का जिक्र
कृषि और बागवानी क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों की आय और आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने जोहार रागी मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे 35 हजार से ज्यादा किसानों को आजीविका मिल रही है। कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के साथ किसानों को नए अवसरों से जोड़ने पर सरकार का फोकस है।
महिला सशक्तिकरण पर भी मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) से भी जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों में आगे लाने का प्रयास किया जाएगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था में अस्पताल से टेलीमेडिसिन तक विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अस्पतालों के साथ-साथ टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना और तकनीक की मदद से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाना है।
‘विकास कागजों में नहीं, जनता की जिंदगी में दिखना चाहिए’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विकास को लेकर सरकार का दृष्टिकोण भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि विकास केवल सरकारी कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए।
विकास का वास्तविक असर जनता के जीवन में दिखाई देना चाहिए।
15 अगस्त के मौके पर मुख्यमंत्री के भाषण में जहां युवाओं के लिए भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा नजर आया, वहीं रोजगार, किसानों, महिलाओं और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।











