Nishikant Dubey Letter: सांसद निशिकांत दुबे ने सीएम हेमंत सोरेन से मांगा 20 साल का एम्बुलेंस का हिसाब, जांच की उठायी मांग
Nishikant Dubey's Letter: MP Nishikant Dubey seeks an account of ambulance services over the last 20 years from CM Hemant Soren and demands an inquiry.

रांची। झारखंड में एक बार फिर भ्रष्टाचार के मामले पर राजनीति गरमाती दिख रही है। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर देवघर, दुमका और गोड्डा जिलों में एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। सांसद ने पिछले 20 वर्षों में सांसद-विधायक निधि, राज्य सरकार और CSR फंड से उपलब्ध कराए गए एम्बुलेंस का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि तीनों जिलों में एम्बुलेंस की उपलब्धता और वर्तमान स्थिति की समीक्षा जरूरी है, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
पत्र में पूछे तीन बड़े सवाल
सांसद ने मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी मांगी है—
• पिछले 20 वर्षों में सांसद और विधायक निधि से कितने एम्बुलेंस खरीदे गए, किस जनप्रतिनिधि के फंड से खरीदे गए और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?
• झारखंड सरकार ने पिछले 20 वर्षों में देवघर, दुमका और गोड्डा में कितनी एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराईं और वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है?
• CSR फंड के माध्यम से पिछले 20 वर्षों में कितनी एम्बुलेंस अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को दी गईं तथा वे वर्तमान में किस स्थिति में हैं?
15 एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का किया दावा
निशिकांत दुबे ने पत्र में दावा किया कि उन्होंने भी समय-समय पर 15 एम्बुलेंस गोड्डा, देवघर और दुमका जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी एम्बुलेंस की वर्तमान स्थिति और उपयोग की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जांच की उठाई मांग
सांसद का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है कि सभी एम्बुलेंस की उपलब्धता, संचालन और वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाए। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग भी की है।












