हे भगवान! दुल्हन को ऐसी मौत: दुल्हन, उसके पिता व भाई को ससुराल की दहलीज पर मारी 20 गोली

बेगुसराय। दुल्हन नीलू को जो मौत नसीब हुई, वो किसी सुहागिन को नसीब ना हो…! ससुराल की दहलीज पर ससुरालवालों ने दुल्हन, उसके पिता और भाई को गोलियों से भून दिया। दुल्हन को आठ गोलियां मारी गयी, जबकि दुल्हन के पिता को 6 और भाई को 6 गोलियां मारी गयी। दरअसल दुल्हन नीलू की 2022 में हिमांशु के साथ पकड़ौआ शादी हुई थी। तीनों को मिलाकर 20 गोलियां मारी गयी। मौके पर ही तीनों ने दम तोड़ दिया। नीलू ससुराल दुल्हन के लिबास में ही पहुंची थी, लेकिन उसी तरह से उसकी जान चली गयी।

दरअसल मृतिका नीलू के बहन के ससुराल में ही नीलू और हिमांशु की मुलाकात हुई थी। इस दौरान नीलू और हिमांशु के बीच दोस्ती हुई। 2022 के जुलाई महीने में हिमांशु अपनी प्रेमिका नीलू से मिलने उसके गांव श्रीनगर छर्रापट्टी पहुंच गया। रात में कमरे में प्रेमी-प्रेमिका थे, इसी बीच नीलू के भाई और पिता को इसकी भनक लग गई। कमरा खुलवाया तो दोनों आपत्तिजनक हालत में मिले। इसके बाद लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रेमी-प्रेमिका की कुरहा स्थित शिव मंदिर में शादी करा दी।

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शादी के बाद ससुराल वाले उसे रखने को तैयार नहीं थे। फिर ये तय हुआ है कि अगर 15 लाख लड़की पक्ष वाले दें, तो वो लड़की को रखेंगे। जिसके बाद लड़की पक्ष से नीलू दुल्हन के जोड़े में पिता और भाई के साथ ससुराल आई। पिता दहेज के 15 लाख रुपए लेकर पहुंचे थे, लेकिन दरवाजे पर ही तीनों की हत्या कर शव को बाहर फेंक दिया गया। आरोप है कि दुल्हन के जेठ-ससुर और पति ने मिलकर की है। पति पिस्टल लोड करके दे रहा था, जबकि जेठ-ससुर गोलियां चला रहे थे। तीनों को 20 गोलियां मारीं।

मृतकों की पहचान पिता उमेश यादव (60), भाई राजेश कुमार (25) और बेटी नीलू कुमारी (20) के रूप में हुए है। नीलू दुल्हन के कपड़े में सजकर ससुराल रहने आई थी। हैरान की बात ये कि जब वारदात हुई, उसके कुछ देर बाद ही उसके जेठ की बारात जाने वाली थी। शनिवार को मटकोर सहित अन्य रस्म हो रही थी। उमेश यादव बेटी नीलू को दुल्हन की तरह सजाकर और ससुराल वालों की मांग के अनुसार 15 लाख रुपए लेकर, अपने बेटे राजेश के साथ हिमांशु के घर गोविंदपुर पहुंच गए।

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नीलू और उमेश यादव को विश्वास था कि अभी घर में सभी रिश्तेदार जुटे हुए हैं, तो पैसा लेने के बाद वो लोग उसे बहू के रूप में स्वीकार कर लेंगे, लेकिन वहां पहुंचते ही स्थिति बिगड़ गई। रिश्तेदारों की मौजूदगी में इन लोगों का आना संजय यादव को नागवार गुजरा और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। पहले उमेश यादव को, फिर राजेश और अंत में नीलू के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

शादी के बाद हिमांशु की प्रेमिका से पत्नी बनी नीलू के साथ दो दिन रहने के बाद अपने गांव चला गया, लेकिन इसकी जानकारी अपने परिजन को नहीं दी। हालांकि पिता और परिजनों के दबाव में हिमांशु ने भी अपनी पत्नी नीलू से बात करना छोड़ दिया। दोनों पक्ष के बीच कई स्तर पर समझौते के बाद संजय यादव ने 15 लाख रुपए लेकर शादी को मानने की बात कही।नीलू के पिता उमेश यादव ने पैसों का जुगाड़ करना शुरू किया और झगरुहा बहियार की एक बीघा जमीन बेचकर 15 लाख रुपए जुटाए। इसी बीच पता चला कि हिमांशु के बड़े भाई सुधांशु की शादी तय हो गई है। जिसके बाद बेटी को लेकर पहुंचे थे। लेकिन इसी दौरान वारदात हो गयी।

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