झारखंड: स्वास्थ्य विभाग के घोटालेबाज को लेकर हुआ खुलासा, प्रमोद सिंह ने पत्नी और रिश्तेदारों के नाम बनायी प्रापर्टी, चल रही पूछताछ

Jharkhand: Health department scamster revealed, Pramod Singh made property in the name of wife and relatives, investigation underway

Jharkhand NRHM Scam। NRHM घोटाले में मुख्य आरोपी प्रमोद कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे हुए हैं। ईडी ने गिरफ्तार कर रिमांड पर ले लिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) निधि के 9.39 करोड़ रुपये का गड़बड़झाला करने वाले आरोपी कोयला कारोबारी प्रमोद कुमार सिंह से पूछताछ में उसकी प्रापर्टी का खुलासा हुआ है।

 

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ईडी ने प्रमोद कुमार सिंह को रिमांड पर लेने के लिए जो आवेदन दिया है, उसमें बताया है कि प्रमोद कुमार सिंह ने एनआरएचएम निधि की राशि को अपने, अपनी पत्नी प्रिया सिंह और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर निवेश किया है।

 

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प्रमोद सिंह ने उनके नाम पर अचल संपत्तियां अर्जित की है। आरोपित प्रमोद कुमार सिंह ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी शशि भूषण प्रसाद (अब स्वर्गीय) के साथ मिलीभगत कर पद का दुरुपयोग किया।

 

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उसने जिला स्वास्थ्य सोसाइटी के माध्यम से पीएचसी झरिया सह जोड़ापोखर को एनआरएचएम के तहत आवंटित 9.39 करोड़ रुपये (लगभग) की सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के लिए अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग किया।

 

धनबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) झरिया सह जोड़ापोखर में अनुबंध के आधार पर प्रखंड खाता प्रबंधक के रूप में कार्यरत रहे प्रमोद कुमार सिंह के विरुद्ध सबसे पहले एसीबी धनबाद ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।

 

जिसके आधार पर ही ईडी ने पीएमएलए अधिनियम में जांच कर भ्रष्टाचार उजागर किया था। ईडी प्रमोद सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। आगे इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

 

ये है पूरा मामला 

बता दें कि कोयला कारोबारी प्रमोद कुमार सिंह पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) झरिया सह जोड़ापोखर में संविदा पर कार्यरत था. इस दौरान एनआरएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों के एवज में आवंटित फंड के गबन का उन पर आरोप लगा. वह यहां तकरीबन 8 साल तक कार्यरत था. एसीबी ने इसकी जांच के लिए प्रमोद कुमार सिंह और अन्य के विरुद्ध आठ जून 2016 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसी प्राथमिकी के आधार पर पर ईडी ने मनी लांड्रिंग अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।

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