इंसानियत शर्मसार : 2 हजार की पेंशन के लिए 5 km तक घसीटकर डाकघर पहुंचती है 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला

बैग्लोर। 2000 की पेंशन के लिए 77 साल की बुजुर्ग महिला को 5 किलोमीटर तक घसीटकर आना पड़ा, लेकिन फिर भी पेंशन नहीं मिल पाया। अब पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। मामला कर्नाटक के दावणगेर जिले का है, जहां बुजुर्ग महिला अपने पेंशन के लिए पिछले दो महीने से पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग महिला का “रेंगकर” पेंशन के लिए आना पड़ता है और इस तरह की घटना नहीं दोहराया जाना चाहिए. सरकार को इस मां को जरूरी मदद तुरंत करनी चाहिये।
77 वर्षीय गिरिजम्मा दावणगेर जिले के हरीहर तालुक स्थित कुनिबेलकेर गांव की रहने वाली हैं, वो चल नहीं पाती है। उसे दो महीने से वृद्धा पेंशन नहीं मिल पा रहा था, जिसकी वजह से उसे 5 किलोमीटर तक इसी तरह से घसीटकर आना पड़ा। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने महिला की तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार से जल्द से जल्द बुजुर्ग महिला की समस्या के समाधान की अपील की है।
पूर्व सीएम ने कहा, “मशासन यानी महीने की पेंशन के लिए 5 किलोमीटर दूर तक रेंगती हुई इस दादी ने नागरिक समाज की चेतना को झकझोर दिया है.”एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि बुजुर्ग महिला की मुसीबत देख हम सबका सिर शर्म से झुक गया है और साथ ही सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि जब वह सीएम थे तब समाज के दबे-कुचले लोगों, बुजुर्ग, विकलांग और विधवाओं के लिए कई योजनाएं चलाईं। बुजुर्गों को मिलने वाली रकम बढ़ाई। सरकारी की ये जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंदों की मदद करे। आप महिलाओं को 2000 रुपए देते हैं लेकिन उन अनगिनत बुजुर्ग मांओं का क्या? क्या सरकार को कोई दया नहीं आती?











