15 हजार फीट की ऊंचाई पर थमने लगी 6 महीने के मासूम की सांसें, फिर अचानक सामने आया ‘फरिश्ता’ और बदल गया सबकुछ

लद्दाख। बर्फीले पहाड़, खतरनाक रास्ते और 15 हजार फीट की ऊंचाई… जहां सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है, वहां एक 6 महीने के मासूम की जिंदगी कुछ सेकंड के लिए मौत के बेहद करीब पहुंच गई। परिवार की आंखों के सामने बच्चा बेहोश हो चुका था, सांसें उखड़ रही थीं और मदद की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। तभी वहां एक अजनबी ऐसे पहुंचा, जैसे भगवान ने उसे भेजा हो।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह घटना लद्दाख के बेहद खतरनाक शिंकू ला दर्रा इलाके की है। परिवार ऊंचाई वाले रास्ते से गुजर रहा था, तभी अचानक ऑक्सीजन की कमी के कारण 6 महीने के बच्चे की हालत बिगड़ने लगी।
देखते ही देखते मासूम बेहोश हो गया। बच्चे को गोद में लिए पिता घबराकर मदद मांगने लगा। आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पा रहे थे। ऊंचाई इतनी ज्यादा थी कि हर सेकंड बच्चे की हालत और गंभीर होती जा रही थी।
इसी बीच वहां मौजूद एक अजनबी शख्स ने तुरंत स्थिति को समझ लिया। उसने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ी से पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर निकाला और बच्चे को ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोग बस डरे हुए चेहरे के साथ यह सब देख रहे थे।
For the people travelling to high-altitude regions please understand how dangerous altitude can be.
At Shinkula Pass, around 15,000 feet, a family got stranded for hours with a 6-month-old baby who suddenly became unconscious and unresponsive. The family had no idea it was due… pic.twitter.com/rgDxBPZZCE
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फिर जो हुआ, उसने हर किसी को राहत दे दी। कुछ ही सेकंड में बच्चे की सांसें सामान्य होने लगीं। थोड़ी देर बाद मासूम ने आंखें खोलीं और रोने लगा। बच्चे के रोते ही परिवार की आंखों से आंसू निकल पड़े। वहां मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी ज्यादा ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर काफी कम हो जाता है। ऐसे में छोटे बच्चों को एक्यूट माउंटेन सिकनेस का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इस बीमारी में सांस लेने में दिक्कत, चक्कर, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उस अजनबी की सूझबूझ और इंसानियत की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर सही समय पर मदद नहीं मिलती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।












