EOU Raid: शिक्षा अधिकारी के घर पहुंची टीम तो खुलती गई काली कमाई की परतें, करोड़ों की संपत्ति और कैश-गहनों का खुलासा!

बेगूसराय: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के बेगूसराय, पटना समेत तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान टीम को लाखों रुपये नकद, लाखों के आभूषण, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति से संबंधित कई अहम कागजात मिले हैं।
EOU की शुरुआती जांच के मुताबिक, अधिकारी पर अपनी वैध आय से 90 प्रतिशत से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में करीब 3.43 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा मामला सामने आया है।
बेगूसराय के पैतृक घर से मिले लाखों रुपये
EOU की टीम ने बेगूसराय स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक मकान पर तलाशी ली। यहां से 15 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
इसके अलावा करीब 9.50 लाख रुपये मूल्य के आभूषणों की सूची तैयार की गई है। तलाशी के दौरान उनके पिता के नाम से जुड़ी 11 डीड, भारतीय स्टेट बैंक की एक पासबुक और आभूषण खरीदने से संबंधित छह रसीदें भी मिलीं।
इन रसीदों में आभूषणों की कुल कीमत करीब 5.50 लाख रुपये बताई गई है।
घर में खड़े मिले JCB और ट्रैक्टर
तलाशी के दौरान पैतृक आवास पर कई वाहन भी मिले। इनमें दो JCB, दो ट्रैक्टर, एक बोलेरो और एक बड़ा DG सेट शामिल है। जांच एजेंसी अब इन संपत्तियों और वाहनों के मालिकाना हक तथा खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
पटना वाले मकान से भी कैश और लाखों के गहने
EOU ने पटना स्थित अजय कुमार सिंह के मकान पर भी तलाशी ली। यहां से 10 लाख 38 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
इसके अलावा करीब 41 लाख 81 हजार 977 रुपये मूल्य के आभूषण मिले हैं। टीम को अलग-अलग बैंकों में मौजूद आठ खातों से संबंधित पासबुक और ATM कार्ड भी मिले।
जांच में इन बैंक खातों में करीब 18 लाख 50 हजार रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा स्कॉर्पियो, स्कूटी समेत अन्य वाहनों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसी अब इन वाहनों की खरीद और स्वामित्व की जांच कर रही है।
नोएडा में मकान के दस्तावेज भी मिले
छापेमारी के दौरान जांच टीम को नोएडा के सेक्टर-142 में मकान से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। दस्तावेजों के मुताबिक करीब 1442 वर्गफीट के मकान की बुकिंग की गई है।
जांच एजेंसी अब इस संपत्ति की कीमत और इसे खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत का भी पता लगा रही है।
2005 में शुरू की थी सरकारी नौकरी
जानकारी के मुताबिक, अजय कुमार सिंह ने वर्ष 2005 में बिहार शिक्षा सेवा में अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी के पद से सरकारी सेवा शुरू की थी। EOU की प्रारंभिक जांच में उनकी संपत्ति उनकी वैध आय की तुलना में 90 प्रतिशत से अधिक पाई गई है।
एजेंसी इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर रही है।
देर रात तक चली कार्रवाई, दस्तावेजों की जांच जारी
EOU की यह कार्रवाई 20 अगस्त की सुबह से देर रात तक चली। तलाशी के दौरान बरामद कैश, आभूषण, बैंक दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और वाहनों से जुड़ी जानकारी को जांच के दायरे में लिया गया है।
फिलहाल बेगूसराय और पटना स्थित मकानों की संपत्ति का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है। बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यही है कि सरकारी अधिकारी की घोषित आय और सामने आई संपत्तियों के बीच इतना बड़ा अंतर आखिर कैसे बना? EOU की विस्तृत जांच में इस सवाल का जवाब सामने आने की उम्मीद है।












