…आखिरकार कब बनेंगे डॉक्टर जिम्मेदार ! औचक निरीक्षण में 9 चिकित्सक फिर ड्यूटी से गायब..

jharkhand रांची के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार ने सोमवार को जिले के बाहरी इलाकों में पड़ने वाले सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने अस्पतालों का भ्रमण किया और निरीक्षण के दौरान चिकित्सक कक्ष में पहुंचकर अटेंडेंस रजिस्टर मंगाकर जांच की। इसके साथ ही अस्पताल कर्मी को भी मौके पर बुलवाया और तैनात चिकित्सा पदाधिकारी के साथ ही उपस्थित चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की जानकारी ली। इसी क्रम में अनुपस्थित 9 डॉक्टरों को उन्होंने शॉक कॉज किया है।
निरीक्षण से स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप
निरीक्षण के दौरान करीब 9 डॉक्टर और 2 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़मू में तीन एलोपैथिक, जबकि दो आयुष डॉक्टर गायब मिले। मांडर में तीन और ब्राम्बे में एक डॉक्टर ड्यूटी से गायब थे। इस हालत को देख सिविल सर्जन नाराज हो गए। इसके साथ ही सिविल सर्जन ने मौके से सभी को बारी-बारी से फोन मिलाया ,दूसरी ओर किसी ने भी सीएस का फोन नहीं उठाया। सभी गायब कर्मी की हाजिरी काट दी गई ।सिविल सर्जन की औचक निरीक्षण और उपस्थिति पंजी से हाजिरी काटे जाने पर स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है। कई डॉक्टर उनके वहां पहुंचने के बाद आए।
कटेगा वेतन
रांची के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार ने बताया कि महालया पर सरकारी कार्यालय बंद रहता है लेकिन अस्पताल खुले रहते हैं। औचक निरीक्षण किया गया था, कुछ चिकित्सक व कर्मी गायब मिले हैं। जांच के बाद उनकी उपस्थिति काटी गई है। उनका वेतन भी काटा जाएगा उनसे show-cause पूछा जाएगा।
ड्यूटी से गायब रह करते है निजी प्रैक्टिस
चिकित्सकों की ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत आम है। कई जिलों के सिविल सर्जन औचक निरीक्षण करते रहते हैं। कुछ दिन पूर्व भी धनबाद के सिविल सर्जन डॉक्टर आलोक विश्वकर्मा ने निरसा प्रखंड का औचक निरीक्षण किया था जिसमें 14 में से 13 चिकित्सक गायब मिले थे। गोविंदपुर प्रखंड में भी चिकित्सकों के गायब रहने की घटनाएं मिलती रहती है। ड्यूटी के समय गायब रह कर चिकित्सक अपने निजी प्रैक्टिस में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में सवाल ये है की आखिरकार चिकित्सक अपनी ड्यूटी के प्रति कब जिम्मेदार होंगे?











