SDM, CO, तहसीलदार, थानेदार समेत 12 निलंबित, एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या मामले में CM की बड़ी कार्रवाई

देवरिया : जिले में हुए हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी गंभीर नजर आ रहे हैं. देवरिया में घटित हुए हत्याकांड में 6 लोगों की निर्मम हत्या को सीएम योगी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. इसे लेकर गुरुवार को उन्होंने घटना की गहन समीक्षा की, जिस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दोषी कोई भी हो, हर एक पर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल अब सीएम योगी ने सख्ती दिखाते हुए निर्देश देकर लापरवाह तहसीलदारों, क्षेत्राधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दे दिए हैं.
जनपद देवरिया के रुद्रपुर के फतेहपुर गांव में एक परिवार के पांच लोगों की निर्मम हत्या के मामले में गुरुवार को एसडीएम, सीओ व दो तहसीलदार तथा कोतवाल सहित 12 कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। घटना दो अक्टूबर के दिन हुई थी।
इन पर हुई कार्रवाई
उपजिलाधिकारी योगेश कुमार गौड़ एवं क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर जिलाजीत के अलावा हेड कांस्टेबल राजेश प्रताप सिंह, कांस्टेबल अवनीश चौहान, हल्का प्रभारी / उपनिरीक्षक जय प्रकाश दुबे व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही पूर्व में आइजीआरएस के संदर्भों में निस्तारण में लापरवाही के लिये उत्तरदायी पाए जाने पर कांस्टेबल कैलाश पटेल, कांस्टेबल राम प्रताप कन्नौजिया, सुभाष यादव एवं उप निरीक्षक सुनील कुमार, पूर्व प्रभारी निरीक्षक, रूद्रपुर को निलंबित किया गया है।
इसके अलावा पूर्व में उपजिलाधिकारी रहे राम विलास, ओम प्रकाश, ध्रुव शुक्ला एवं संजीव कुमार उपाध्याय के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। सेवानिवृत्त तहसीलदार वंशराज राम एवं सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक रामानन्द पाल के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके अलावा अभय राज (वर्तमान में निलंबित तहसीलदार) को अतिरिक्त आरोप पत्र जारी किया गया है।
यूपी के देवरिया के गांव फतेहपुर में नौ बीघा जमीन को लेकर हुई हिंसा में एक ही परिवार के 5 लोगों समेत छह की हत्या हो गई थी. इस नरसंहार में मारे गए सत्य प्रकाश दुबे की जिंदा बची इकलौती बेटी शोभिता बुधवार को बयान दिया था कि सुबह 5:00 बजे झगड़े की सूचना देने को फोन किया था पुलिस समय से फोन उठा लेती तो तो इतनी बड़ी घटना नहीं हो पाती. 2 अक्टूबर सोमवार को हुए नरसंहार ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. एक पक्ष पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की निर्मम हत्या के बदले में सत्य प्रकाश दुबे के पूरे परिवार को खत्म कर दिया गया था. आरोप है कि सत्य प्रकाश के घर में जो भी मिला उसे प्रेम यादव के परिवार और परिवार के लोगों ने काट दिया और गोली मार दी थी.












