399 पारा शिक्षक होंगे बर्खास्त: शिक्षा विभाग बड़े एक्शन की तैयारी में, अवैध नियुक्ति के मामले में अब होगी बड़ी कार्रवाई, जानिये बर्खास्तगी की वजह

रांची : अवैध नियुक्ति मामले में पलामू के 399 पारा शिक्षक (सहायक अध्यापक) हटाए जाएंगे। इनकी बहाली आवश्यक योग्यता नहीं रहने के बाद भी की गई थी। वहीं, अवैध नियुक्ति के बाद भी 113 पारा शिक्षकों की नौकरी बची रहेगी, क्योंकि ये सभी बहाली के समय कम से कम आवश्यक योग्यता रखते थे। इन्हें स्पेशल केस में बहाल रखने का निर्णय नहीं लिया गया है। इस तरह इनकी नौकरी बची रहेगी।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने पलामू के तत्कालीन आयुक्त जटाशंकर चौधरी की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया है। उक्त कार्रवाई अनुशासनिक प्राधिकार की ओर से की जाएगी। इसपर उच्च स्तरीय अनुमति मिल चुकी है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह मामला पलामू के दो प्रखंडों छतरपुर और नौडीहा बाजार में पारा शिक्षकों की अवैध नियुक्ति का है। कुल 512 पारा शिक्षकों की बहाली आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए बिना की गई थी। इसमें तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, क्योंकि बहाली की स्वीकृति उनके द्वारा की गई थी।

इन सभी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया है। अवैध रूप से नियुक्त 512 पारा शिक्षकों में 399 चयन के समय आवश्यक योग्यता भी नहीं रखते थे। साथ ही चयन के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई थी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इनमें 236 पारा शिक्षक छतरपुर प्रखंड और 163 नौडीहा बाजार प्रखंड के हैं। जिनकी नौकरी बची रहेगी, उनमें 66 छतरपुर और 47 नौडीहा बाजार के हैं।

विधानसभा में भी उठा था मामला

पलामू के इन दोनों प्रखंडों में पारा शिक्षकों की अवैध नियुक्ति के आधार पर हटाने का मामला विधानसभा में भी उठा था। तत्कालीन विधायक राधाकृष्ण किशोर ध्यानाकर्षण में मामला उठाया था, जिसके बाद विधायक विनोद सिंह की अध्यक्षता में विधानसभा की विशेष समिति गठित की गई थी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विशेष समिति ने पाया कि पूर्व में दो कमेटियों की जांच रिपोर्ट में भिन्नता है। इसपर विशेष समिति ने प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में नई कमेटी गठित कर जांच कराने की अनुशंसा की थी। इस आलोक में ही यह जांच हुई।

Related Articles

close