झारखंड में 50 हजार भर्तियां: शिक्षक, सिपाही सहित इन पदों पर होगी हजारों भर्तियां, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया ऐलान, बेटियों को लेकर की ये बड़ी घोषणा

देवघर। झारखंड में भी जल्द बंपर भर्तियां होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संकेत दिया है कि जल्द ही शिक्षक, सिपाही सहित अन्य पदों पर भर्तियां शुरू होगी। सभा को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि आने वाले समय में 40 से 50 हजार नियुक्तियां होगी। इसमें सीडीपीओ, सिपाही और शिक्षकों की बहाली होगी। बेटियां बोझ नहीं होगी, उसके पढ़ाई की खर्च सरकार उठाएगी। शिक्षा से ही झारखंड की आने वाली पीढ़ी सशक्त होगी और राज्य भी मजबूत और शक्तिशाली होगा।

हेमंत सोरेन ने एलान किया कि सरकार प्रखंड मुख्यालय की तरह पंचायत मुख्यालय को सशक्त बना रही है। यह प्रखंड मुख्यालय का अतिरिक्त कार्यालय होगा। गांव के लोगों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। 255 करोड़ की 64 योजनाओं का शिलान्यास-उदघाटन किया। साथ ही 5721 लाभुकों के बीच 7.97 करोड़ की परिसंपत्ति का वितरण किया गया।

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उन्होंने कहा कि नौकरी, रोजगार, स्वरोजागर से हजारों युवाओं को जोड़ा गया है। अभी सीडीपीओ, एएमओ, शिक्षक, सिपाही आदि की हजारों नियुक्तियां निकलनी है। सरकारी, गैर-सरकारी-दोनों क्षेत्रों में युवाओं को नौकरी और रोजगार से जोड़ा गया है। युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए हमने ट्रेनिंग सेंटर, जो पहले जिला स्तर पर ही होता था, उसे प्रखंड स्तर पर खोलने का काम किया है।

कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर हजारों युवा अपना भविष्य संवार रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत अब ग्रामीण क्षेत्रों में आवगमन भी आसान होगा। छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, आंदोलनकारियों, विधवा महिला आदि मुफ्त में इस योजना का लाभ ले पाएंगे। पूरे राज्य में हजारों किलोमीटर की ग्रामीण सड़कों को सुदृढ़ीकरण करने का कार्य भी किया जा रहा है।

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राज्य गठन के बाद से 2019 तक मात्र 8 लाख किसानों को केसीसी मिला था। मगर आपकी सरकार बनने के बाद आज कुल 22 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिला है। लोगों को योजनाओं से जोड़ने में हमारे आसपास भी कहीं नहीं दिखते हैं विपक्ष के लोग। उसी तरह पेंशन में भी, जिसमें केंद्र सरकार सिर्फ 250 रुपया देता है, उसमें भी राज्य अलग होने के बाद 2019 तक मात्र 15 लाख लोगों को पेंशन मिलता था।

आज कुल 60 लाख से अधिक लोगों को पेंशन का अधिकार दिया गया है। समझ नहीं आता 20 साल तक पूर्व की सरकारों ने क्या किया? क्या किया डबल इंजन की सरकार ने? वो सब आपका पैसा हजम करने का काम कर रहे थे। वही पैसा हड़प कर देश की कुर्सी पर जाकर बैठ गए हैं। और तरह-तरह के षड्यंत्र रच रहे हैं। पहले इनके द्वारा बोला जाता था कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा। आज यह लोग कहते हैं कि न काम करेंगे, न काम करने देंगे। येन केन प्रकारेण राज्य सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं यह लोग।

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विपक्ष को राज्य के लोगों को हक़-अधिकार मिलता हुआ नहीं दिखता। न उन्हें किसानों, न हमारे गांव-देहात से कोई सरोकार है। न महिला, न बुजुर्गों, न युवा, न मजदूरों और न राज्य के बच्चों से कोई सरोकार है। आज हम अपने बुजुर्गों को सम्मान देने के साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ी को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। आपको पता है राज्य में सभी जिलों में उत्कृष्ट विद्यालय बनाये गए हैं, जहां गरीब के बेटा-बेटी प्राइवेट स्कूल की तरह शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। राज्यभर में कुल पांच हजार स्कूल ऐसे बनाये जायेंगें।

हमारी सरकार है जिसने लाखों बच्चों को प्री और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से जोड़ने का काम किया है। छात्रवृत्ति की राशि को 2 से 3 गुना भी बढ़ाया गया है। साइकिल की राशि भी 3500 रुपए की जगह 4500 रुपए बढ़ाकर राज्य के लाखों बच्चों को दी जा रही है। हमारे नौनिहाल पढ़ेंगे, आगे बढ़ेंगे तो हमारा युवा राज्य आगे बढ़ेगा।

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