MBBS डाक्टर खुद को बताया दिल का डाक्टर, 50 से ज्यादा मरीजों के कर दिये हार्ट के आपरेशन, कईयों की चली गयी जान, मचा हड़कंप, FIR

MBBS doctor called himself a heart doctor, did heart operations on more than 50 patients, many died, commotion ensued, FIR

Fake Cardiologist: MBBS डाक्टर खुद को दिल का डाक्टर बताकर कई लोगों की जान ले ली। खुलासे के बाद हड़कंप मचा है। आरोप है कि डाक्टर ने कार्डियोलॉजिस्ट बताकर हार्ट के कई आपरेशन किये, जिसमें से कई मरीज की मौत हो गयी। मामला हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक अस्पताल के अंतर्गत संचालित एक हार्ट सेंटर का है।

 

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से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट ने नकली दस्तावेजों के सहारे न केवल सरकारी नौकरी हासिल की, बल्कि 50 से अधिक लोगों की हार्ट सर्जरी कर डाली। इस फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट की पहचान डॉ. पंकज मोहन शर्मा के रूप में हुई है, जिसके पास केवल MBBS की डिग्री है, लेकिन वह खुद को ‘DNB कार्डियोलॉजी’ बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था।

 

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जांच में सामने आया है कि आरोपी ने असली कार्डियोलॉजिस्ट के रजिस्ट्रेशन नंबर 2456 का उपयोग किया, जबकि उसका खुद का MBBS रजिस्ट्रेशन नंबर 28482 है। उसने जाली मोहर बनवाई, जिस पर ‘DNB (Cardiology)’ लिखा था। आठ महीनों में उसने 50 से अधिक हृदय सर्जरी कीं, जिनमें से कई मरीजों की मौत हो गई या गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हुईं।

 

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इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ जब एक मरीज के परिजन ने उसके इलाज से असंतुष्ट होकर असली कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क किया और अपने मेडिकल दस्तावेज दिखाए। असली डॉक्टर ने तुरंत पहचान लिया कि उनके नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने जनवरी 2025 में आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा और भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) में शिकायत भी दर्ज कराई।

 

मामले की शिकायत 11 अप्रैल को अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता संजय गुप्ता द्वारा औपचारिक रूप से दर्ज कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. शर्मा ने फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए न केवल सरकारी सेवा प्राप्त की बल्कि मरीजों की जान भी खतरे में डाली। शिकायत के बाद आरोपी अस्पताल आना बंद कर चुका है और फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

 

पीड़ितों में पलवल निवासी राजा राम भी शामिल हैं, जिन्होंने बताया कि 10 जनवरी को उनके पिता की हार्ट सर्जरी डॉ. शर्मा ने की थी और अगले ही दिन उनकी मृत्यु हो गई। इस तरह के कई और मामले अब सामने आ रहे हैं, जिनमें परिजनों ने डॉ. शर्मा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मेडिटेरीना अस्पताल, जो इस हार्ट सेंटर को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित कर रहा है, अब तक इस बात पर चुप है कि डॉ. शर्मा ने कितने मरीजों का इलाज या ऑपरेशन किया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

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