…और जिंदा शिक्षक की सजी चिता : रेप के आरोपी शिक्षक को बचाने पिता ने जिंदा बेटे की सजायी चिता, लिटाकर खींचा फोटो और थाने में कर दिया जमा….

बिहार: भागलपुर में सजा से बचने के लिए एक रेप का आरोपी शिक्षक मुर्दा बन गया। पिता ने जिंदा बेटे की चिता सजाई, बेटे को लिटाया और फोटो क्लिक करा थाने में सबमिट करा दी। मामले की पोल खुली तो आरोपी शिक्षक ने अब कोर्ट में सरेंडर किया।

कोर्ट को भी गुमराह किया

आरोपित ने अपने पिता के साथ मौत का नाटक रच डाला। खुद अर्थी पर लेटा और श्मशान घाट तक गया। पिता ने लकड़ियां रखते हुए चिता सजाई और पूरे मामले की फोटोग्राफी भी करवाई। उस फोटोग्राफ्स को विशेष पाक्सो अदालत में पिता के जरिये जमा कराया और खुद भूमिगत हो उसका लाभ लेने की कोशिश करने लगा था। पिता-पुत्र के खेल को पुलिस ने भी सच मान लिया था।

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पुलिस, बीडीओ, पीड़िता परिवार और कोर्ट तक को गुमराह किया। पिता ने अपने जीवित बेटे को मुर्दा साबित करने के लिए चिता पर लिटाकर फोटो खींची। साथ ही लकड़ी का बिल भी बनवाया। रसीद के आधार पर बीडीओ को गुमराह कर बेटे का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया।

फिर उसे कोर्ट में पेश कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को मरा हुआ समझकर उसके केस की फाइल को बंद कर दी। इसके बाद आरोपी गायब हो गया। इस प्रकार आरोपी और उसके पिता ने पुलिस, बीडीओ, कोर्ट और पीड़ित परिवार सभी को गुमराह किया।

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क्या है मामला

मामला चार साल पुराना यानी 14 अक्टूबर 2018 का है। कोर्ट ने पिता द्वारा दाखिल किए गए मौत के घोषणा पत्र के आधार पर केस बंद कर दिया था। आज आरोपी सरेंडर करने कोर्ट पहुंचा।

दरअसल, भागलपुर पीरपैंती के इशीपुर बराहाट के निवासी शिक्षक नीरज मोदी ने साल 2018 में अपने स्कूल की एक नाबालिग छात्रा के साथ रेप किया था। इसके बाद मामले में पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। सजा से बचने के लिए शिक्षक ने खुद की मौत का झूठा नाटक रच दिया। इस नाटक में आरोपी के पिता राजाराम मोदी ने भी साथ निभाया।

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पीड़िता की मां न्याय के लिए चुप नहीं रही

इधर, पीड़िता की मां अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए चुप नहीं रही। उसे शक था कि उसकी बेटी का आरोपी अभी भी जिंदा है। पीड़िता की मां को ये भनक लग चुकी थी कि आरोपी के पिता ने अपने बेटे को बचाने के लिए चाल चली है। जिसके बाद पीड़िता की मां ने बीडीओ के समक्ष ये शिकायत किया कि उनके दफ्तर से झूठा मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया है।

इसके बाद बीडीओ ने इस मामले को लेकर जांच बैठाई। मामले में इसी साल 21 मई को खुलासा हुआ, जिसके बाद शिक्षक के पिता के ऊपर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। 24 घंटे के अंदर उसके पिता की गिरफ्तारी हुई। फिर बीडीओ ने आरोपी के मृत्यु प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया। साथ ही धोखाधड़ी के केस में पिता को जेल भेज दिया गया। आरोपी के पिता अब भी जेल में है।

सच सामने आने के बाद आरोपी ने खुद किया सरेंडर

पिता के जेल जाने के बाद आरोपी नीरज खुद को ज्यादा दिनों तक भूमिगत नहीं कर पाया। सोमवार को कोर्ट पहुंचा और अपने आप को सरेंडर कर दिया। इसके बाद आरोपी नीरज को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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