शिक्षक ही नहीं, अब छात्रों का भी होगा डिजीटल अटेंडेंस, शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिलों में तैयारियां हुई तेज, शिक्षकों को मिल रही ट्रेनिंग

Not only teachers, but students will also have digital attendance. Following the Education Department's instructions, district preparations have accelerated, with teachers receiving training.

Teacher News : शिक्षा विभाग ने स्कूलों में नये बदलाव की तैयारी कर दी है। डिजिटल अटेंडेंस की प्रक्रिया इसी महीने से लागू होने वाली है। सभी सरकारी विद्यालयों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज होगी। फोटो-आधारित उपस्थिति से मिड-डे मील में फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर ये एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

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अररिया में शिक्षकों को दी जा रही है ट्रेनिंग

अररिया जिले के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली लागू की जा रही है। इसके लिए स्कूलों को बच्चों की संख्या के आधार पर दो से तीन टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से अब बच्चों और शिक्षकों दोनों की उपस्थिति डिजिटल रूप से दर्ज होगी।

 

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सिकटी के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सिकटी नरेन्द्र कुमार झा ने बताया कि विद्यालयों के लिए एजेंसी द्वारा टैबलेट की आपूर्ति पूरी कर दी गई है। इन टैबलेट्स में ई-शिक्षाकोष सहित विभाग के सभी आवश्यक ऐप पहले से इंस्टॉल रहेंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन टैबलेट डिवाइसों में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी, जिससे डेटा की सुरक्षा और हेराफेरी रहित संचालन सुनिश्चित होगा।

 

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शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए विभाग ने प्रधानाध्यापक और तकनीक में रुचि रखने वाले एक-एक शिक्षक को जूम मीटिंग के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को टैबलेट संचालन, उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया, रिपोर्ट जनरेट करना और ई-शिक्षाकोष ऐप के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।

नरेन्द्र कुमार झा के अनुसार, प्रशिक्षण पूरा होते ही यह प्रणाली सभी विद्यालयों में सक्रिय कर दी जाएगी। विभाग चाह रहा है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह से सभी स्कूलों में यह व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य करने लगे।

 

कैसे दर्ज होगी उपस्थिति?

नई व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक कक्षा के शिक्षक को रोज स्कूल समय में अपने वर्ग के बच्चों का सामूहिक फोटो लेना होगा। इस फोटो को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। फोटो ऐसे ली जाएगी कि हर बच्चे का चेहरा साफ दिखाई दे और उपस्थिति की सटीकता पर कोई सवाल न उठे।

इसके अलावा, एक टैबलेट का उपयोग बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील और विद्यालय गतिविधियों को दर्ज करने में किया जाएगा। दूसरे टैबलेट से शिक्षक अपनी व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज करेंगे।

 

मिड-डे मील में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

अधिकारियों का कहना है कि इस प्रणाली से मिड-डे मील में होने वाले फर्जी लाभार्थी संख्या के मामलों पर पूरी तरह अंकुश लगेगा। फोटो आधारित उपस्थिति से यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन से बच्चे वास्तव में उपस्थित हैं और उन्हें मिड-डे मील मिला है या नहीं।

विशेष रूप से प्राथमिक विद्यालयों में यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक होगी।

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