पहाड़ काटकर बनाया शिविर….घने जंगल में घुसे जवान…नक्सलियों का गढ़ हुआ तबाह…

सुकमा, छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिला पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड और सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन ने गोगुंडा गांव की पहाड़ी पर रणनीतिक सुरक्षा शिविर स्थापित किया। इस कदम से न केवल सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।

सबसे कठिन चुनौती: पैदल मार्ग भी नहीं था
सुरक्षाबलों ने एक ऐसे इलाके में शिविर स्थापित किया, जहाँ तक पहुंचने के लिए कोई सड़क या पैदल मार्ग नहीं था। खड़ी पहाड़ियों, घने जंगलों और तीव्र ढलानों के बीच पहाड़ काटकर सड़क बनाने का काम शुरू किया गया। इस जोखिमपूर्ण प्रक्रिया के बाद जरूरी सामग्री और संसाधन पहाड़ी तक पहुंचाए गए और शिविर की स्थापना सफल रही।

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सुरक्षाबलों को भी हुई चोट
शिविर की स्थापना के दौरान सीआरपीएफ का एक जवान और जिला पुलिस की एक महिला कर्मी बारूदी सुरंग के विस्फोट में घायल हुए। उनका इलाज चल रहा है और हालात सामान्य बताए जा रहे हैं।

नक्सलियों के लिए बड़ा झटका
नए शिविर से गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की उपस्थिति मजबूत हुई और माओवादी बेस एरिया को तबाह किया गया। जनवरी 2024 से अब तक सुकमा जिले में 21 नए शिविर बनाए जा चुके हैं।

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नक्सल विरोधी अभियान में प्रगति
सुरक्षा शिविरों की स्थापना के बाद नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आई। 2024 से अब तक 587 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 68 माओवादी मारे गए और 450 को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधीक्षक का संदेश
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा, “सुरक्षा और विकास हर गांव तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। गोगुंडा में यह उपलब्धि इसी संकल्प का परिणाम है। दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।”

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