Ranchi Vegetable Price : सब्जियों की कीमतें छू रही है आसमान, परवल और सहजन 200, तो करेला-कटहल की कीमत भी सैंकड़ा पार

Ranchi Vegetable Price: Vegetable prices are skyrocketing, pointed gourd and drumstick are 200, while bitter gourd and jackfruit prices have also crossed hundreds.

झारखंड में इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। सीमित आपूर्ति और बाहरी राज्यों पर निर्भरता के कारण परवल, सहजन और हरी मिर्च जैसी सब्जियां रिकॉर्ड भाव पर बिक रही हैं, जबकि मौसमी सब्जियां फिलहाल राहत दे रही हैं।
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रांची। सब्जियों के अनुकूल मौसम के बावजूद झारखंड में इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। खासकर राजधानी रांची और इसके आसपास के बाजारों में तो कीमतों में आग लगी हुई है।

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गैर-मौसमी सब्जियों के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों के लिए इन्हें रोजमर्रा की थाली में शामिल करना मुश्किल हो गया है। भिंडी, करेला, सहजन, कटहल, नेनुआ और परवल जैसी सब्जियां अब आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।

बाजारों में परवल का भाव 160 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि सहजन (ड्रमस्टिक) भी 200 रुपये किलो बिक रही है। हरी मिर्च के दाम भी 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक बने हुए हैं। कटहल की कीमत 80 से 100 रुपये किलो के आसपास चल रही है। ये सभी सब्जियां फिलहाल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं और इन्हें पश्चिम बंगाल, बिहार और दक्षिण भारत के राज्यों से मंगाया जा रहा है।

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स्थानीय उत्पादन मार्च-अप्रैल में शुरू होने की संभावना है, तब तक कीमतों में राहत की उम्मीद कम ही जताई जा रही है।डेली मार्केट के थोक सब्जी विक्रेता रवि कुमार का कहना है कि गैर-मौसमी सब्जियों की आपूर्ति बेहद सीमित है, जबकि मांग बनी हुई है। इसी कारण दाम लगातार चढ़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही स्थानीय फसल बाजार में आएगी, कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी।

वहीं दूसरी ओर मौसमी सब्जियों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। फूलगोभी, बंदागोभी, पालक, मटर और टमाटर जैसे उत्पाद अभी सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि यदि अगले एक महीने तक बारिश नहीं हुई तो इन सब्जियों के दाम इसी तरह नियंत्रित बने रह सकते हैं।

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बाजार में खरीदारी करने आई मीना देवी का कहना है कि महंगाई ने पूरे घरेलू बजट को बिगाड़ दिया है। उन्होंने बताया कि अब परिवार को सस्ती सब्जियों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। महंगी सब्जियां सप्ताह में एक या दो बार ही खरीद पाते हैं। इसी तरह कई अन्य ग्राहकों ने भी कहा कि सब्जियों के दाम में बढ़ते अंतर के कारण उनकी खरीदारी की आदतें बदल गई हैं।

बताया जा रहा है जब तक स्थानीय स्तर पर फसल की आवक शुरू नहीं होती, तब तक गैर-मौसमी सब्जियों के दाम स्थिर होने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि महंगे दामों के कारण अब आम लोग मौसमी सब्जियों की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं, जिससे महंगी सब्जियों की मांग में भी कुछ कमी आई है।

महंगी सब्जियों के ताजा भाव (₹ प्रति किलो)
• करेला: 80 से 100
• मुनगा फूल: 80 से 100
• नेनुआ: 60 से 70
• सहजन (ड्रमस्टिक): 200
• परवल: 160 से 200
• हरी मिर्च: 150 से 200
• कटहल: 80 से 100

राहत देने वाली सस्ती सब्जियां (₹ प्रति किलो)
• मटर: 20
• फूलगोभी: 20 से 30
• सेम: 20 से 30
• आलू: 20 से 30
• प्याज: 25 से 30
• बींस: 50 से 60

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