शिक्षकों की सैलरी पर बड़ी खबर : …अब 1 तारीख को अकाउंट में आ जायेगी सैलरी, राज्य सरकार ने सभी जिलों को जारी किया आदेश…
Big news on teachers' salaries: ...Salaries will now be credited to their accounts on the 1st, the state government has issued orders to all districts...

5.97 लाख शिक्षकों को हर महीने की पहली तारीख को सैलरी मिलेगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को सख्त आदेश जारी करते हुए वेतन भुगतान में देरी होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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Teacher News : राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों में कार्यरत शिक्षकों को हर महीने की पहली तारीख को वेतन देना अनिवार्य होगा। बिहार में शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके।
बिहार में प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 5.97 लाख शिक्षकों को इस फैसले का लाभ मिलेगा। लंबे समय से शिक्षकों की ओर से समय पर वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार वेतन में देरी होने के कारण शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने यह सख्त व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र ने शनिवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी जिले में वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी होती है तो इसके लिए संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा है कि शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए पहले से निर्धारित मानक कार्यप्रणाली यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। यह एसओपी 8 दिसंबर 2025 को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के हस्ताक्षर से जारी किया गया था। इसकी प्रति राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है, ताकि वे उसी के अनुसार वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करें।
नई व्यवस्था के तहत हर महीने की पहली तारीख को सभी शिक्षकों के खाते में वेतन जमा कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए जिला स्तर पर आवश्यक तैयारी और समन्वय करने को भी कहा गया है, ताकि भुगतान में किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए।यह निर्देश केवल सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अल्पसंख्यक विद्यालयों, मदरसों और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों पर भी समान रूप से लागू होगा।
इन संस्थानों के शिक्षकों को भी हर महीने की पहली तारीख को ही वेतन दिया जाएगा।शिक्षा विभाग का मानना है कि समय पर वेतन मिलने से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने शैक्षणिक कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। साथ ही इससे शिक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।












