झारखंड शिक्षक भर्ती: “नियुक्ति दो या जवाब दो”: तीन महीने से इंतजार कर रहे सहायक आचार्य अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, आंदोलन की दी चेतावनी …

Jharkhand Teacher Recruitment: "Grant Appointments or Provide Answers"—Assistant Acharya Aspirants, Waiting for Three Months, Outraged; Warn of Agitation...

झारखंड में सहायक आचार्य पद पर चयनित अभ्यर्थी तीन महीने से नियुक्ति पत्र के इंतजार में भटक रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सरकार की देरी से युवाओं में भारी आक्रोश है और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

________________________________________

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सुस्त व्यवस्था और लापरवाही का उदाहरण बनती दिख रही है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा सहायक आचार्य पद के लिए चयनित अभ्यर्थी पिछले तीन महीनों से नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक चुप्पी साधे बैठा है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति पत्र जारी न होना अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

दरअसल दिसंबर 2025 में घोषित परिणाम और जनवरी 2026 में पूरी हुई काउंसलिंग के बाद उम्मीद थी कि जल्द ही चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल जाएगी। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी न कोई तारीख घोषित हुई, न ही कोई ठोस कारण सामने आया। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक स्तर पर या तो गंभीर लापरवाही हो रही है या फिर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इधर, इस मामले में अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया, कठिन परीक्षा पास की, काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की, फिर भी उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई युवाओं ने इस नौकरी की उम्मीद में अन्य रोजगार के अवसर ठुकरा दिए थे। अब वे आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव में जीने को मजबूर हैं।

 

सबसे चिंताजनक बात यह है कि संबंधित विभाग की ओर से बार-बार केवल “जल्द होगा” जैसे खोखले आश्वासन दिए जा रहे हैं। न कोई स्पष्ट रोडमैप है, न कोई जवाबदेही तय की गई है। इससे अभ्यर्थियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है।अभ्यर्थियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यह केवल देरी नहीं, बल्कि उनके भविष्य के साथ अन्याय है।

 

उनका सवाल है कि जब पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई, तो नियुक्ति पत्र देने में आखिर इतनी देरी क्यों? क्या सरकार के पास इसका कोई जवाब है?स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि चयनित अभ्यर्थियों ने आंदोलन की चेतावनी दे दी है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

 

यह विरोध सिर्फ नौकरी के लिए नहीं, बल्कि अपने अधिकार और सम्मान के लिए होगा।विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इस तरह की लापरवाही से न केवल युवाओं का मनोबल टूटता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होती है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी रहती है और इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close