झारखंड : अब नहीं बचेंगे गबन के आरोपी… 5 नोटिस के बाद भी नहीं हुए पेश, सचिवालय ने जारी किया 28 तारीख का ‘डेथ वारंट
Jharkhand: Accused of Embezzlement Will No Longer Escape Justice... Having Failed to Appear Even After 5 Notices, Secretariat Issues 'Death Warrant' for the 28th.

रांची में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही के मामलों पर अब और सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि अनुशासनहीनता और सरकारी आदेशों की अनदेखी को अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निलंबित कर्मचारी को लेकर विभाग ने अपनाया सख्त रुख
इस मामले में संतोष कुमार, जो पहले उच्चवर्गीय लिपिक (लेखा) के पद पर कार्यरत थे, लंबे समय से विभागीय जांच से बचते रहे हैं। वर्तमान में वे निलंबित हैं और उनका मुख्यालय कार्यपालक अभियंता, हटिया योजना कार्यालय, रांची में निर्धारित किया गया है।
विभागीय आदेश संख्या 231 के तहत उनके खिलाफ गंभीर आरोपों में जांच प्रक्रिया चल रही है।
कई नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब, अब सार्वजनिक चेतावनी जारी
जांच अधिकारी द्वारा संतोष कुमार को कई बार नोटिस भेजे गए। पत्रांक 40, 55, 95, 122 और 187 के माध्यम से जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुल पांच बार उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही जांच में उपस्थित हुए।
लगातार अनुपस्थिति के बाद विभाग ने अब समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक चेतावनी जारी कर दी है।
अंतिम अवसर के साथ सख्त चेतावनी जारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोष कुमार को 28 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नेपाल हाउस सचिवालय, डोरंडा स्थित कक्ष संख्या 213 में साक्ष्यों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
इसे उनका अंतिम अवसर माना जा रहा है। यदि वे इस बार भी उपस्थित नहीं होते हैं, तो विभाग उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।
अन्य कर्मचारियों के लिए भी सख्त संदेश
विभाग के इस सख्त कदम को अन्य लापरवाह कर्मचारियों के लिए स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का संदेश साफ है कि अब विभागीय आदेशों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।












