घर पर तिरंगा फहराने जा रहे हैं? एक छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी, जान लें झंडा फहराने से लेकर उतारने तक के नियम

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर उत्साह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के तहत लोग अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं और तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड भी कर सकते हैं। इसके बाद अभियान का सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा सकता है।
लेकिन तिरंगा केवल देशभक्ति का प्रतीक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के सम्मान से भी जुड़ा है। इसलिए इसे फहराने और उतारने के दौरान कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। भारतीय ध्वज संहिता में राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट प्रावधान दिए गए हैं।
तिरंगा फहराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि तिरंगा फटा, क्षतिग्रस्त या गंदा न हो। इसे हमेशा सम्मानपूर्ण तरीके से फहराया जाना चाहिए और ऐसी जगह लगाया जाना चाहिए जहां वह आसानी से दिखाई दे।
अगर किसी मंच पर तिरंगा लगाया जा रहा है तो वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर होने पर तिरंगा वक्ता के दाहिनी ओर होना चाहिए। किसी अन्य झंडे के साथ तिरंगा लगाया जाता है तो उसकी स्थिति तिरंगे से नीचे होनी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तिरंगे को जमीन या फर्श को नहीं छूना चाहिए।
अशोक चक्र को लेकर भी है खास नियम
तिरंगे की सफेद पट्टी के बिल्कुल बीच में गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होना चाहिए। इसमें 24 तीलियां होती हैं। झंडे की बनावट और अनुपात को लेकर भी नियम निर्धारित हैं।
तिरंगा उतारते समय क्या करें?
तिरंगा उतारने के बाद उसे सम्मानपूर्वक सुरक्षित तरीके से मोड़ना चाहिए। इसके लिए:
- सबसे पहले झंडे को क्षैतिज रूप से रखें।
- केसरिया और हरे रंग की पट्टियों को सफेद पट्टी के नीचे की ओर मोड़ें।
- सफेद पट्टी को इस तरह मोड़ें कि केसरिया और हरे रंग की पट्टियों के साथ केवल अशोक चक्र दिखाई दे।
- इसके बाद मोड़े हुए तिरंगे को दोनों हथेलियों या हाथों पर सम्मानपूर्वक रखें और सुरक्षित स्थान पर रख दें।
भारतीय ध्वज संहिता में क्या है प्रावधान?
भारतीय ध्वज संहिता 26 जनवरी 2002 को लागू की गई थी। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके उचित इस्तेमाल से जुड़े नियम निर्धारित करना है।
नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होना चाहिए और इसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए। तिरंगे पर किसी भी तरह का लेख, चित्र या अन्य सामग्री नहीं लिखी होनी चाहिए।
अगर झंडा फटा, कटा या किसी अन्य तरीके से क्षतिग्रस्त हो गया है तो उसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
‘हर घर तिरंगा’ में सेल्फी भी कर सकते हैं अपलोड
अभियान के तहत घर पर तिरंगा फहराने के बाद लोग उसके साथ सेल्फी लेकर हर घर तिरंगा अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए ‘Upload Selfie’ विकल्प के जरिए अपलोड कर सकते हैं। अभियान में भागीदारी के बाद सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया जा सकता है।
इस स्वतंत्रता दिवस तिरंगा जरूर फहराएं, लेकिन उसके सम्मान से जुड़े नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।












