सवा करोड़ की ठगी के बाद 8वीं मंजिल से छलांग… सुसाइड नोट में आया एक नाम, डॉक्टर की मौत से मचा हड़कंप, आखिर क्या था पूरा मामला?

Gorakhpur: गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया। बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट में रहने वाले पशु चिकित्सक डा. परमात्मा सिंह ने आठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना के बाद पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें जालसाजी की आरोपित गरिमा सिंह का नाम लिखा हुआ है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डा. परमात्मा सिंह ने घटना से महज आठ दिन पहले ही गरिमा सिंह और उसके गिरोह के खिलाफ 1.40 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस अब सुसाइड नोट और ठगी के इस मामले को जोड़कर जांच कर रही है।
अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से लगाई छलांग
घटना गोरखनाथ के बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट के बी-213 ब्लॉक की है। गुरुवार सुबह डा. परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। उन्हें खून से लथपथ हालत में परिजन पास के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की तलाशी ली। इसी दौरान पुलिस के हाथ सुसाइड नोट लगा।
सुसाइड नोट में लिखा मिला गरिमा सिंह का नाम
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह के मुताबिक, सुबह करीब 9:40 बजे डायल 112 के जरिए घटना की सूचना मिली थी। कमरे की तलाशी के दौरान मिले सुसाइड नोट में गरिमा सिंह का नाम लिखा हुआ है।
पुलिस अब इस नोट की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि डॉक्टर द्वारा दर्ज कराए गए ठगी के मुकदमे और उनकी मौत के बीच क्या संबंध है।
आठ दिन पहले दर्ज कराया था 1.40 करोड़ की ठगी का केस
डा. परमात्मा सिंह ने पांच अगस्त को एम्स थाने में गरिमा सिंह और उसके गिरोह के खिलाफ 1.40 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में गरिमा सिंह के अलावा उसके सेवानिवृत्त रेलकर्मी पिता, शिक्षक पति समेत अन्य लोगों को भी आरोपित बनाया गया है।
पुलिस गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के खिलाफ एम्स थाने में तीन और सहजनवा थाने में एक मुकदमा दर्ज है। फिलहाल पुलिस छह मामलों की जांच कर रही है।
कौन थे डा. परमात्मा सिंह?
पुलिस के अनुसार, डा. परमात्मा सिंह मूल रूप से मऊ के मोहम्मदाबाद क्षेत्र के बरबोझी के रहने वाले थे। वर्तमान में वह गोरखनाथ के बसंत इंक्लेव में परिवार के साथ रह रहे थे।
वह पेशे से पशु चिकित्सक थे और महराजगंज जिले के एक ब्लॉक में तैनात थे।
अब कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
डा. परमात्मा सिंह की मौत के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। सुसाइड नोट में गरिमा सिंह का नाम क्यों लिखा गया? 1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी का इस घटना से कितना संबंध है? क्या ठगी के मामले को लेकर डॉक्टर किसी दबाव में थे?
फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट, ठगी के मुकदमे और उससे जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।












