झारखंड: JPSC आंदोलन के बीच CM हेमंत की सुरक्षा पर बड़ा अलर्ट, आखिर क्यों बढ़ाई गई सीएम आवास की निगरानी?

Ranchi: JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर झारखंड में जारी आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। स्पेशल ब्रांच ने मुख्यालय और सरकार को सुरक्षा संबंधी इनपुट दिया है। इनपुट में आंदोलन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों और दागी लोगों की मौजूदगी की बात सामने आने के बाद मुख्यमंत्री और उनके आवास की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
सीएम आवास के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यमंत्री आवास को चारों तरफ से बैरिकेडिंग से घेर दिया गया है। आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भी अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं। सुरक्षाकर्मियों को सीएम आवास के आसपास आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
आंदोलन में हथियार जैसे सामान दिखने से बढ़ी चिंता
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन चल रहा है। इसमें छात्र संगठनों के साथ राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हो रहे हैं। इसी दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से मुख्यमंत्री आवास के घेराव का प्रयास भी किया गया था।
विधानसभा घेराव के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में एयरगन, पिस्टल जैसे दिखने वाले सामान और अन्य हथियार नजर आने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गईं।
असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर
स्पेशल ब्रांच के इनपुट के मुताबिक आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व और दागी लोग भी पहुंच रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से ऐसे लोगों को चिन्हित किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों को भी सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया गया है।
आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की आशंका
स्पेशल ब्रांच ने आशंका जताई है कि आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व मुख्यमंत्री आवास के आसपास पहुंचकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए सीएम आवास के बाहर बैरिकेडिंग बढ़ाने और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सुरक्षा एजेंसियों को आंदोलन के दौरान संदिग्ध गतिविधियों और चिन्हित लोगों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में JPSC-JSSC आंदोलन के बीच सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।












