हनीट्रैप का ऐसा जाल कि भरोसा बना हथियार, वीडियो कॉल पर फंसाकर बनाई अश्लील क्लिप और फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल का डरावना खेल

अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद शहर से डिजिटल ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड के नए खतरनाक तरीकों को लेकर सावधान कर दिया है। जशोदानगर इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग कैटरिंग व्यवसायी हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंस गए, जहां आरोपियों ने उनका अश्लील वीडियो बनाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2023 में हुई, जब बुजुर्ग व्यवसायी ट्रेन से पंजाब के जालंधर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। सफर के दौरान फिरोजपुर स्टेशन से निखिल खुराना नाम का युवक उनकी बगल वाली सीट पर आकर बैठा। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को विदेश जाने की तैयारी कर रहा एक छात्र बताया और धीरे-धीरे बुजुर्ग का भरोसा जीत लिया। इसी दौरान दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर भी साझा किए।
कुछ समय बाद आरोपी ने अपनी मां की बीमारी और पढ़ाई का हवाला देते हुए बुजुर्ग से 17 हजार रुपये की आर्थिक मदद ली। इसके बाद बातचीत का सिलसिला बढ़ता गया और आरोपी ने अपने इरादों को अंजाम देना शुरू कर दिया। पहले उसने गलती का बहाना बनाकर बुजुर्ग को अपना एक नग्न वीडियो भेजा, जिससे माहौल को असहज और निजी बनाया जा सके।
सितंबर 2025 में आरोपी ने वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को गंदी बातों में उलझाया और उन्हें मानसिक रूप से उत्तेजित कर उनका अश्लील वीडियो गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड कर लिया। यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खतरनाक खेल।
वीडियो रिकॉर्ड होने के बाद निखिल के भाई साहिल ने बुजुर्ग को फोन कर खुद को क्राइम ब्रांच का प्राइवेट जासूस बताया और धमकी दी कि यदि 15 लाख रुपये नहीं दिए गए तो वीडियो उनके रिश्तेदारों को भेज दिया जाएगा और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। बदनामी के डर से बुजुर्ग पूरी तरह दबाव में आ गए और अलग-अलग किश्तों में आरोपियों को कुल 8.88 लाख रुपये दे दिए।
लगातार बढ़ती उगाही और धमकियों से परेशान होकर आखिरकार बुजुर्ग ने हिम्मत जुटाई और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने खोखरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर और फिरोजपुर के तीन युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि अनजान लोगों से ऑनलाइन या फोन पर बढ़ती नजदीकियां किस तरह खतरनाक साबित हो सकती हैं। खासकर वीडियो कॉल और निजी बातचीत के दौरान सतर्क रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि जरा सी चूक भारी नुकसान में बदल सकती है।









