25 एकड़ जमीन के लिए खून की होली! एक ही परिवार के 6 लोगों की निर्मम हत्या, गांव में पसरा सन्नाटा
खेत पर कब्जा लेने पहुंचे थे परिवार के सदस्य, फिर कुछ ही मिनटों में बिछ गईं लाशें; पुराने विवाद का भी सामने आया कनेक्शन

विजयपुरा। कर्नाटक के विजयपुरा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। चडाचन थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा गांव में जमीन विवाद ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि एक ही परिवार के पांच सदस्यों समेत छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
25 एकड़ जमीन बनी खूनी संघर्ष की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, करीब 25 एकड़ कृषि भूमि को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि निराले परिवार ने हाल ही में यह जमीन खरीदी थी। यह भूमि पिछले लगभग 15 वर्षों से विवादों में घिरी हुई थी और इसी कारण पहले के मालिक भी इसका उपयोग नहीं कर पा रहे थे।
शुक्रवार दोपहर जब निराले परिवार के सदस्य जमीन पर कब्जा लेने और खेती संबंधी काम शुरू करने पहुंचे, तभी उन पर घात लगाकर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
कुछ ही मिनटों में बिछ गईं छह लाशें
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हमला इतना उग्र था कि कई लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हमले में दुंडप्पा रेवनसिद्दप्पा निराले (65), शिवपुत्र रेवनसिद्दप्पा निराले (58), चंद्रकांत उर्फ चंदू रेवनसिद्दप्पा निराले (55), राहुल शिवपुत्र निराले (25), समर्थ शिवपुत्र निराले (23) और शब्बीर बाबूसाब अत्तर (45) की मौत हो गई।
इसके अलावा अरविंद कटागे (72) और जेसीबी ऑपरेटर संदीप माने (33) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
पुराने हत्याकांड से भी जुड़ रहे तार
जांच के दौरान पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि मौजूदा विवाद का संबंध वर्ष 2015 में हुए एक हत्या मामले से हो सकता है। उस समय शिवानंद पाटिल नामक युवक की हत्या हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बना हुआ था। पुलिस अब इस पुराने विवाद और ताजा हत्याकांड के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।
गांव में तनाव, पुलिस की कड़ी निगरानी
घटना के बाद पूरे गोविंदपुरा गांव में तनाव फैल गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच की निगरानी कर रहे हैं और हमलावरों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमला पूर्व नियोजित था या अचानक हुए विवाद का नतीजा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस हत्याकांड में कितने लोग शामिल थे और जमीन विवाद के अलावा क्या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
विजयपुरा का यह सामूहिक हत्याकांड एक बार फिर दिखाता है कि जमीन से जुड़े पुराने विवाद किस तरह वर्षों बाद भी हिंसा का भयावह रूप ले सकते हैं। अब पूरे राज्य की नजर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।









