कोडरमा : कलियुगी दादी ने अपने ही पोते को घोंट दिया था गला, अब कोर्ट ने दादी को सुनायी उम्रकैद की सजा, जुर्माना भी ठोंका, स्पीड ट्रायल में मिली सजा

Koderma: A grandmother strangled her own grandson; the court has now sentenced her to life imprisonment and imposed a fine following a speedy trial.

कोडरमा। दादी ने अपने ही पोते की जान ले ली, 14 महीने बाद अब कोर्ट ने दादी को उम्रकैद की सजा सुनायी है। मामला कोडरमा जिले का है, जहां छह वर्षीय विक्रम कुमार उर्फ सौरव की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उसकी सौतेली दादी रेखा देवी को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने आरोपी रेखा देवी (53) को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

साथ ही अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस पूरे मामले में स्पीड ट्रायल हुआ और दोषी के खिलाफ कार्रवाई हुई।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

2025  अप्रैल में हुई थी घटना

दरअसल यह मामला वर्ष 2025 का है। मृतक बच्चे की मां पूनम देवी ने तिलैया थाना में कांड संख्या 123/25 दर्ज कराते हुए अपने सास-ससुर समेत अन्य लोगों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत में उन्होंने बताया था कि होली के दौरान उनके पति अरविंद कुमार ने शराब के नशे में अपनी मां के साथ मारपीट की थी। इसके बाद परिवार में विवाद बढ़ गया था और सास-ससुर ने बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी।

सौतेली दादी ने की थी हत्या

जब इस घटना की जांच हुई, तो पुलिस की जांच में सामने आया कि अरविंद कुमार, मनोज यादव की पहली पत्नी के पुत्र थे। पहली पत्नी की मृत्यु के बाद मनोज यादव ने रेखा देवी से दूसरी शादी की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रेखा देवी के मन में बच्चे के प्रति द्वेष की भावना थी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

16 अप्रैल 2025 को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि आरोपी ने छह वर्षीय सौरव की हत्या कर शव को जंगल में दफना दिया था। पूछताछ में रेखा देवी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने कपड़ा टांगने वाली रस्सी से बच्चे का गला घोंटकर हत्या की थी और बाद में साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में ले जाकर दफना दिया।

14 माह में पूरा हुआ स्पीड ट्रायल

मामले की सुनवाई स्पीड ट्रायल के तहत की गई और महज 14 माह के भीतर अदालत ने फैसला सुना दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी करते हुए अपराध की गंभीरता के आधार पर कड़ी सजा की मांग की।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वचन देवनाथ आर्या ने आरोपी का पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने रेखा देवी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close