15 जून को खत्म होगा मलमास, फिर बजेगी शहनाई, 25 जुलाई के बाद फिर चार महीने शुभ कार्य बंद
मलमास 2026, विवाह मुहूर्त 2026, चातुर्मास 2026, शादी मुहूर्त, Devshayani Ekadashi,15 जून को खत्म होगा मलमास, 25 जुलाई से पहले कर लें शादी-विवाह और शुभ कार्य

रांची। 15 जून को मलमास खत्म हो जायेगा, लेकिन उसके बाद सिर्फ 40 दिन ही शादी-विवाह का मौका मिलेगा। मलमास के बाद फिर चतुर्मास शुरू होने होने वाला है। इससे पहले एक महीने से बंद पड़े विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन और अन्य मांगलिक कार्यों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 15 जून 2026 को पुरुषोत्तम मास (मलमास) का समापन हो जाएगा। इसके साथ ही 16 जून से शुद्ध ज्येष्ठ मास की शुरुआत होगी और शुभ व मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मलमास समाप्त होने के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन और अन्य शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। हालांकि लोगों को जल्द ही अपने मांगलिक कार्य संपन्न करने होंगे, क्योंकि 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होने के साथ फिर चार महीने तक शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा।
15 जून को समाप्त होगा मलमास
अधिक मास या मलमास के दौरान सूर्य का राशि परिवर्तन नहीं होने के कारण विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस अवधि में जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहता है।ज्योतिषीय गणना के अनुसार 15 जून की सुबह 8:45 बजे से शुद्ध ज्येष्ठ मास की प्रतिपदा प्रारंभ होगी, जिसके साथ ही शुभ कार्यों का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
जून में विवाह के 10 शुभ मुहूर्त
मलमास समाप्त होने के बाद जून माह में विवाह के लिए कई शुभ तिथियां उपलब्ध हैं।
जून 2026 के विवाह मुहूर्त:
- 19 जून
- 21 जून
- 22 जून
- 23 जून
- 24 जून
- 25 जून
- 26 जून
- 27 जून
- 28 जून
- 29 जून
जुलाई में केवल 4 शुभ विवाह मुहूर्त
जुलाई में विवाह के लिए सीमित मुहूर्त उपलब्ध हैं।
जुलाई 2026 के विवाह मुहूर्त:
- 1 जुलाई
- 6 जुलाई
- 7 जुलाई
- 11 जुलाई
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 18 जून से 10 जुलाई तक विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल लग्न उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान शादियों की काफी धूम रहने की संभावना है।
25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास
पंचांग के अनुसार 25 जुलाई 2026, शनिवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होगी।सनातन परंपरा के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसके कारण विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
20 नवंबर को होगा चातुर्मास का समापन
चार महीने तक चलने वाला चातुर्मास 20 नवंबर 2026 को कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी के साथ समाप्त होगा। इसके बाद पुनः विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है चातुर्मास?
हिंदू धर्म में चातुर्मास का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं। भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य बड़े मांगलिक कार्य स्थगित रखे जाते हैं।ज्योतिषविदों का कहना है कि जिन लोगों की शादी, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य प्रस्तावित हैं, वे 25 जुलाई से पहले इन्हें संपन्न कर लें, क्योंकि इसके बाद लगभग चार महीने तक मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।












