हाईकोर्ट में कैदियों की रिहाई का मामला: राज्य सरकार ने सौंपा 1000 बंदियों का ब्योरा, 30 जुलाई को अगली सुनवाई

रांची। झारखंड के विभिन्न जेलों में निर्धारित सजा का आधा या एक-तिहाई हिस्सा पूरा कर चुके कैदियों की रिहाई से संबंधित जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए सुझावों पर जवाब मांगा है।झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की गई है।

अदालत में पेश किए गए सुझाव

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई करीब 1000 कैदियों की सूची पर लिखित जवाब और सुझाव अदालत में प्रस्तुत किए गए। इससे पहले कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने शपथ पत्र दाखिल कर ऐसे कैदियों का विवरण दिया था, जिन्होंने अपनी सजा का आधा या एक-तिहाई हिस्सा पूरा कर लिया है।अदालत के निर्देश के बाद यह रिपोर्ट याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराई गई थी, जिसके आधार पर विस्तृत सुझाव और आपत्तियां दाखिल की गईं।

राज्य सरकार ने सौंपा 1000 कैदियों का ब्योरा

राज्य सरकार द्वारा दायर शपथ पत्र में झारखंड की विभिन्न जेलों में बंद करीब 1000 ऐसे कैदियों का विवरण प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने अपनी सजा का निर्धारित हिस्सा पूरा कर लिया है।सबसे अधिक 202 कैदी चाईबासा जेल में, जबकि 199 कैदी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार (रांची) में हैं।

विभिन्न जेलों में कैदियों की संख्या

राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार:

  • चाईबासा जेल – 202
  • बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार (रांची) – 199
  • दुमका केंद्रीय कारा – 84
  • गुमला जेल – 77
  • खूंटी जेल – 53
  • लातेहार जेल – 43
  • मेदिनीनगर जेल – 32
  • गिरिडीह जेल – 31
  • घाटशिला जेल – 27
  • घाघीडीह, जमशेदपुर – 26
  • सरायकेला जेल – 25
  • हजारीबाग केंद्रीय कारा – 24
  • लोहरदगा एवं धनबाद जेल – 23-23
  • चतरा जेल – 23
  • सिमडेगा जेल – 20
  • गढ़वा जेल – 15
  • पाकुड़ एवं राजमहल जेल – 14-14
  • रामगढ़ जेल – 11
  • साहिबगंज जेल – 8
  • देवघर जेल – 8
  • चास (बोकारो) जेल – 8
  • मधुपुर जेल – 7
  • तेनुघाट जेल – 4
  • गोड्डा जेल – 4
  • जामताड़ा, कोडरमा एवं साकची जेल – 2-2
  • बरही जेल – 1

30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट अब याचिकाकर्ता के सुझावों और राज्य सरकार के जवाब पर विचार करेगा। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी, जहां कैदियों की संभावित रिहाई को लेकर आगे की दिशा तय हो सकती है।

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