झारखंड : दो शिक्षिका व असिस्टेंट इंजीनियर की बर्खास्तगी रद्द, कई नये पदों की मिली स्वीकृति, कर्मचारी हित में कैबिनेट के 15 बड़े फैसले, पढ़िये विस्तार से ….

Jharkhand: Dismissal of Two Teachers and an Assistant Engineer Revoked; Several New Posts Sanctioned; 15 Major Cabinet Decisions in the Interest of Employees—Read the Full Details...

रांची। झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई अहम फैसले लिये गये। खासकर कर्मचारियों को लेकर कई बड़े निर्णय लिये गये। एक तरफ जहां महंगाई भत्ता में बढोत्तरी की गयी, तो वही कई नये पदो की स्वीकृति भी दी गयी।

 

कर्मचारियों को लेकर बड़े फैसले

 

• अमिताभ कुमार गुप्ता, सेवानिवृत न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची को लोकायुक्त, झारखण्ड के पद पर नियुक्त किये जाने के उपरान्त घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

 

• स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत निषिद्ध मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, अवैध व्यापार, तस्करी, पेडलिंग आदि की सूचना देने तथा प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार नीति का गठन की स्वीकृति दी गई।

 

• कामदा नंदन कुसम कुंवर सिंकू तकनीकी सलाहकार, रूपांकण अंचल आदित्यपुर, जमशेदपुर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

 

• सुशील कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लोहरदगा सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा वाद सं०-W.P.(S) No.-1608/2022 एवं Cont (C)No.-1128/2024 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में सेवा में पुनर्बहाल करने की स्वीकृति दी गई।

 

• W.P.(S) No.-3378/2019- शिव रामजी मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य सरकार एवं अन्य मामले में झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.10.2023 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में UGC के पत्र संख्या सं० F-3-2/99 (ps), दिनांक-21.07.1999 की कंडिका 05 में निहित प्रावधान /अनुशंसा के आलोक में वेतनमान 5500-9000 में 8300 रू0 प्रक्रम पर पहुँच चुके या प्रदर्शक के वेतनमान में 16 वर्ष की सेवा पूरी कर लेने पर, जो भी बाद में हो, के शर्त को पूरा करते हैं, को व्याख्याता के वेतनमान रू0 8000-13500 के व्यक्तिगत वेतन की स्वीकृति दी गई।

 

• झारखण्ड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश को प्रदान की जा रही अनुसेवक भत्ता एवं अनुसचिवीय सहायता की राशि में अभिवृद्धि तथा अन्य सुविधाओं की स्वीकृति दी गई।

 

• अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, गुमला-सिमडेगा केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति-सेवानिवृत्त संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, संथाल परगना प्रमण्डल, दुमका के विरुद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1620 दिनांक-19.06.2012 को निरस्त करने तथा श्री सिन्हा को दिये गये दण्ड “सेवा से बर्खास्तगी” को परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत सम्परिवर्तित करते हुए “उनके पेंशन से पचास प्रतिशत (50%) की राशि की स्थाई रुप से कटौती” का दण्ड अधिरोपित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

 

• राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक एवं नॉन एकेडमिक), ईन्टर्नस की वृत्तिका पुनरीक्षण एवं झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशत्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

 

• विद्या कुमारी, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, देवघर एवं मालती दास, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी.आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध/अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति के निर्णय की स्वीकृति दी गई।

 

• M.A.No.-890/2025 एवं Contempt Petition(C) No.-666/2025 in Civil Appeal No.-299/2025, धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन में जिला न्यायाधीश स्तर के 05 छाया पदों (Supernumerary post) के सृजन की स्वीकृति दी गई।

 

 

• भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-3 के परन्तुक-(1) में वर्णित प्रावधान के आलोक में लोकहित में झारखण्ड सरकार द्वारा पुनर्वास/पुर्नस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भू-भाग अथवा नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु दान की गई भूमि के लिखत (दस्तावेज) पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

 

• गिरिडीह जिलान्तर्गत बगोदर-सरिया अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों / पदाधिकारियों के 20 (बीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

 

• पश्चिमी सिंहभूम जिलान्तर्गत चक्रधरपुर अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों /पदाधिकारियों के 41 (इकतालीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

 

• Cont. Case No-1076/2023 में दिनांक-05.12.2025 को पारित न्यायादेश एवं W.P.(S) No-2857/2021 में दिनांक-22.12.2022 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में मंगरा उराँव, दैनिक वेतनभोगी की सशर्त सेवा नियमितीकरण करने की स्वीकृति दी गई।

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