महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों पर चला शिकंजा… डिजिटल कॉपी भी नहीं बची

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग ने 6 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए आतंकवादी संगठनों से कथित रूप से जुड़े 114 प्रकाशनों, पुस्तकों, पत्रिकाओं, दस्तावेजों और डिजिटल प्रचार सामग्री को जब्त घोषित कर दिया है।
यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के तहत की गई है। सरकार के मुताबिक, कार्रवाई का दायरा केवल छपी हुई सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन उपलब्ध डिजिटल प्रतियों को भी इसके दायरे में रखा गया है।
ATS की रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसला
सरकार के अनुसार, मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की खुफिया रिपोर्ट, साइबर सर्विलांस और विभिन्न जांचों में सामने आया कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ी प्रचार सामग्री सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, एन्क्रिप्टेड चैनलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए प्रसारित की जा रही थी।
बताया गया है कि ATS के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च 2026 को राज्य सरकार को इन प्रकाशनों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भेजी थी। इसके बाद गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर इन सामग्रियों को जब्त घोषित किया।
युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने का आरोप
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, इन प्रकाशनों में हिंसक उग्रवाद और आतंकवादी विचारधारा का महिमामंडन करने वाली सामग्री शामिल है।
सरकार का आरोप है कि ऐसी सामग्री युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने, आतंकी संगठनों में भर्ती के लिए प्रेरित करने और देश की संप्रभुता, अखंडता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकती है।
अब प्रकाशन से लेकर डिजिटल उपलब्धता तक पर रोक
सरकार ने कहा है कि इन प्रकाशनों का प्रकाशन, वितरण, बिक्री, प्रदर्शन, संग्रहण, कब्जे में रखना या डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना सार्वजनिक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
इसी वजह से इनकी भौतिक और डिजिटल प्रतियों को तत्काल प्रभाव से सरकार के पक्ष में जब्त घोषित किया गया है।
‘Voice of Khurasan’ समेत कई प्रकाशन सूची में
सरकार की प्रतिबंधित सूची में ‘Voice of Khurasan’ के कई अंक शामिल हैं। इसके अलावा ‘The Revolutionary Resurgence’, ‘Kashmir Kifah-Resilience & Courage’, ‘The Soul of Resistance’, ‘Nawai Gazwa-e-Hind’, ‘Modern Warfare’, ‘The School of Yusuf’, ‘Tawheed Lectures’ और ‘Hijra’ समेत कुल 114 प्रकाशनों को कार्रवाई के दायरे में रखा गया है।
सरकार के अनुसार, इनमें से कुछ सामग्री का संबंध ISIS/ISKP, हिज्ब-उल-मुजाहिदीन, AQIS और UAPA के तहत प्रतिबंधित अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क और प्लेटफॉर्म से बताया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार का सख्त रुख
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाना और युवाओं को आतंकी प्रभाव से बचाना है।
सरकार के मुताबिक, डिजिटल माध्यमों पर तेजी से फैलने वाली ऐसी सामग्री पर नियंत्रण कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 114 प्रकाशनों पर एक साथ हुई यह कार्रवाई राज्य में कट्टरपंथी प्रचार नेटवर्क के खिलाफ सरकार के सख्त रुख को दर्शाती है।








