देवघर: ये भी गजब है! 4000 रुपये भुगतान के लिए 5000 मांग रहा था घूस, रंगे हाथों इंजीनियर गिरफ्तार, फुल एंड फाइनल बिल….

देवघर। घूसखोर इंजीनियर को ACB की टीम ने सिर्फ 5000 रुपया लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बिल पास करने के एवज में जूनियर इंजीनियर रिश्वत मांग रहा था। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ये कार्रवाई देवघर जिले में हुई है। जहां मनरेगा योजना से जुड़े एक मामले में जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

फाइनल बिल पास कराने के नाम पर मांगी रिश्वत

करौ प्रखंड की डिंडाकोली पंचायत निवासी 29 वर्षीय भीम कुमार राणा ने एसीबी दुमका में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने ने शिकायत में बताया गया कि मनरेगा योजना के तहत उनकी जमीन पर ट्रेंच सह बांध निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसकी कुल लागत 45,379 रुपये थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें योजना की राशि में 41,444 रुपये का भुगतान पहले ही मिल चुका था।

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शेष राशि के फाइनल बिल की निकासी के लिए जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद द्वारा 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।रिश्वत देने से इनकार करते हुए भीम कुमार राणा ने पूरे मामले की शिकायत एसीबी दुमका से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए।

सरकारी आवास में बिछाया जाल, रंगेहाथ धराया इंजीनियर

शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी की टीम ने 10 जून को करौ प्रखंड स्थित सरकारी आवास में जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।एसीबी की इस कार्रवाई के बाद मनरेगा और ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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