Patna Cyber Fraud: PM मुद्रा लोन के नाम पर चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, कॉलेज छात्र निकला मास्टरमाइंड, गर्लफ्रेंड समेत 3 गिरफ्तार
Patna Cyber Fraud: Fake call center operating under the guise of PM Mudra loans busted; college student revealed as mastermind; 3 arrested, including his girlfriend.

पटना। बिहार की राजधानी पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जोगीपुर स्थित एक किराए के फ्लैट में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी की जा रही थी। पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक युवती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 6.08 लाख रुपये नकद, 14 मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और कई सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
कॉलेज छात्र निकला साइबर गैंग का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का मास्टरमाइंड 22 वर्षीय कॉलेज छात्र अक्षय कुमार है। वह नवादा जिले के वारिसलिगंज थाना क्षेत्र के कुंभी गांव का रहने वाला है। उसके साथ गयाजी जिले के टेकारी निवासी शिवम कुमार (22) और उसकी प्रेमिका रिमझिम कुमारी (20) को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, अक्षय और रिमझिम एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। दोनों के बीच प्रेम संबंध था। अक्षय पहले से साइबर ठगी के धंधे में शामिल था और लोगों का भरोसा जीतने के लिए उसने अपनी प्रेमिका को भी इस गिरोह में शामिल कर लिया।
गर्लफ्रेंड को बनाया कॉलर, लोगों को झांसे में फंसाया
जांच में पता चला कि अक्षय ने रिमझिम को कॉलिंग और ठगी की पूरी ट्रेनिंग दी थी। रिमझिम महिला कॉलर बनकर देशभर के लोगों से बात करती थी। उसकी मीठी आवाज और भरोसेमंद बातचीत के जरिए पीड़ितों को सरकारी योजना के तहत आसान लोन दिलाने का झांसा दिया जाता था। बाद में अक्षय ने अपने दोस्त शिवम को भी इस नेटवर्क में शामिल कर लिया।
सोशल मीडिया पर फर्जी लोन का विज्ञापन
गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, कम ब्याज पर ऋण और सरकारी योजनाओं के नाम से फर्जी विज्ञापन पोस्ट करता था। विज्ञापन देखकर आवेदन करने वाले लोगों का डेटा डाउनलोड किया जाता था।
इसके बाद रिमझिम आवेदकों को कॉल कर लोन स्वीकृत होने का दावा करती और उन्हें फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजा जाता था। फिर जीएसटी, प्रोसेसिंग फीस, अप्रूवल चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर 500 से 2000 रुपये तक यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए वसूले जाते थे। पैसा मिलते ही पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था।
कई राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, यह फर्जी कॉल सेंटर करीब एक वर्ष से संचालित हो रहा था। गिरोह के खिलाफ बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है।
बिना दस्तावेज के खरीदे जाते थे सिम कार्ड
जांच में यह भी सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र स्थित भूतनाथ (कांटी फैक्ट्री के पास) की एक दुकान से बिना किसी वैध दस्तावेज के 2500 से 3000 रुपये में खरीदे जाते थे। पुलिस अब संबंधित दुकान संचालक की तलाश में छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
6,08,650 रुपये नकद
14 मोबाइल फोन
1 लैपटॉप
1 टैबलेट
15 एटीएम कार्ड
5 चेकबुक
4 पासबुक
3 नोटबुक
7 सिम कार्ड
बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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Patna Cyber Fraud: PM मुद्रा लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी, कॉलेज छात्र मास्टरमाइंड, गर्लफ्रेंड समेत 3 गिरफ्तार
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पटना में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश। कॉलेज छात्र मास्टरमाइंड निकला, गर्लफ्रेंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, 6.08 लाख रुपये नकद और कई डिजिटल उपकरण बरामद।
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