तबाही ही तबाही ! घर बह गए…14 की मौत…कई लोग अब भी लापता…चिनाब नदी का रौद्र रूप…रेड अलर्ट जैसे हालात…
पुंछ और राजौरी में मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही। कई लोग अब भी लापता, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राहत कार्यों का लिया जायजा।

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पुंछ और राजौरी जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों के लापता होने की आशंका है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में घरों में पानी भर गया, वाहन बह गए और सड़कें मलबे से पट गईं।
एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत
सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले के सुरनकोट के लोअर मुर्रा इलाके में हुई, जहां एक ही परिवार के 8 सदस्य तेज बहाव में बह गए। प्रशासन ने सभी के शव बरामद कर लिए हैं। वहीं सांगला गांव में 4 लोगों और नूना बांदी इलाके में एक महिला की मौत की भी पुष्टि हुई है। हादसे में घायल कई लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है।
चिनाब नदी खतरे के निशान के पार
लगातार बारिश के चलते रियासी जिले में चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी कई निचले इलाकों में फैलने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी और उफनती धाराओं से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने बीच में छोड़ा दिल्ली दौरा
हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दिल्ली दौरा बीच में ही समाप्त कर जम्मू पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने और सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
राहत और बचाव अभियान तेज
पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, नागरिक प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक सुरनकोट, हवेली और मंडी समेत सबसे प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
NH-44 बंद, अमरनाथ यात्रा भी प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर यातायात बाधित हो गया है। मौसम विभाग की प्रतिकूल चेतावनी को देखते हुए अमरनाथ यात्रा, कटरा स्थित माता वैष्णो देवी यात्रा और शिव खोरी यात्रा को अगले तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। प्रभावित इलाकों में राहत कार्य लगातार जारी हैं और हालात पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।








